मध्यप्रदेश के धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम पीपलखेड़ा के पास आज सुबह 9 बजे बड़ा सड़क हादसा हो गया। ओवरटेक करने के दौरान एक निजी बस ने स्कूल बस को पीछे से टक्कर मार दी।
संयुक्त परिवार प्रणाली के लगातार खत्म होने और एकल परिवारों में बच्चों को समय देने के बजाय मोबाइल-गैजेट्स थमा देने पर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी चिंता और नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि माता-पिता की जगह मोबाइल ले लेंगे, तो यह स्थिति समाज के लिए विनाशकारी साबित होगी और आने वाली पीढ़ी पारिवारिक रिश्तों व बंधनों से पूरी तरह अनजान हो जाएगी।
मध्यप्रदेश में आए दिन हो रहे हादसों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। पुलिस-प्रशासन की टीम अब सड़क पर उतर चुकी है। इससे मनमानी पर उतारू बस संचालकों में हड़कंप मच गया है। राजधानी भोपाल में ही निजी स्कूलों की सैकड़ों ऐसी बस चल रही हैं, जिसमें सुरक्षा के मापदंडों की अनदेखी की जा रही है।
राजस्थान के जयपुर में आज एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहां 4 बच्चों की मौत हो गई। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे गुब्बारे बेचने वाले को रौंद दिया। हादसे में दो लोग गंभीर रुप से घायल भी हो गए हैं।
इंस्टाग्राम पर बाल शोषण से जुड़ी सामग्री के विज्ञापन सामने आने के बाद केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेटा को तलब करने का निर्देश दिया है। जानें क्या है पूरा मामला और सरकार का रुख।
बेंगलुरु के कैपजेमिनी कैंपस डे-केयर में 2 साल के बच्चे के साथ हुई बदसलूकी। वीडियो वायरल होने के बाद 5 महिला स्टाफ पर FIR, कंपनी ने केंद्र बंद किया।
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत आज मध्यप्रदेश में में 5 साल तक की उम्र के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है। इसी कड़ी में रविवार को सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के कुकरू में बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई।
इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार सुबह महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर छापा मारा। लोकायुक्त को शुरूआती जांच में उनके पास आय से अधिक संपत्ति होने के प्रमाण मिले हैं। इस पर कार्रवाई की गई है और उनके ठिकानों पर कार्रवाई जारी है।
देश में करोड़ों छात्रों का सपना देश के आईआईटी संस्थानों में प्रवेश का होता है जिसके लिए वे कड़ी मेहनत करते हैं। आईआईटी में प्रवेश के लिए छात्रों को कठिन परीक्षा से होकर गुजरना पड़ता है, क्योंकि इन संस्थानों में सीटें सीमित होती हैं।
भारत के प्राइवेट अस्पतालों में अब सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चों का जन्म होना सामान्य बात हो गई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के नए आंकड़ों के अनुसार, देश के निजी अस्पतालों में होने वाली डिलीवरी में से 54 फीसदी केस सिजेरियन के पाए गए हैं। इस मामले में कुछ राज्य बहुत आगे हैं।






















