1 अक्टूबर 2026 से एलपीजी गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। जानिए इसे पूरा करने के आसान तरीके, सब्सिडी के नियम और पूरी जानकारी हिंदी में।
घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर बुक करने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बुकिंग का अंतर 45 दिन से घटाकर 25 दिन कर दिया है। अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के ग्राहक आसानी से नए नियम के तहत 25 दिन बाद अगला सिलेंडर बुक कर सकेंगे।
आज यानी 1 सितंबर से कॉमर्शियल सिलेंडर औसतन 11.50 रुपए महंगा हो गया है। वहीं, मुंबई में दूध 9 रुपए प्रति किलो तक महंगा हो गया है। इसके अलावा जिन उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन की ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें सब्सिडी का फायदा लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के नए आदेश के अनुसार, जिन इलाकों में पाइपेड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां एलपीजी कनेक्शन अनिवार्य रूप से सरेंडर करना होगा। समयानुसार पीएनजी न अपनाने पर एलपीजी कनेक्शन रद्द किया जा सकता है। जानें नए नियम।
आज यानी, 1 अगस्त से देशभर में होटल और रेस्तरां जैसे प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में शनिवार को बड़ी कटौती की गई है। 19 किलोग्राम वाले सिलिंडर के दाम 200 रुपए घटाए गए हैं। वहीं, विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमत में 5 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
रसोई गैस सिलेंडर 29 रुपए महंगा हो गया है। नई दरें रात 12 बजे से लागू हो गई हैं। दिल्ली में अब 14.2 किलो वाला गैस सिलेंडर 913 से बढ़कर 942 रुपए का मिलेगा। तीन महीने में दूसरी बार एलपीजी की कीमत बढ़ाई गई है।
आज यानी 1 जून-2026 से केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। कुछ में तो राहत दी है, लेकिन कुछ जगह जनता को अपनी जेब ढीली करनी पडेगी। कॉमर्शियल सिलेंडर सोमवार से 53.50 रुपए तक महंगा हो गया है। 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 11 रुपए का इजाफा किया गया है।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा के जंगीपुरा रोड स्थित मदरसा रोड पर देर रात एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान और मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान और एसी रिपेयरिंग के सिलेंडरों में धमाके होने लगे। धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के तीन इमली इलाके में खड़ी बसों में वेल्डिंग के दौरान आग भड़क गई। एक-एक करके पांच बसें आग की चपेट में आ गईं और वहां खड़े कई दोपहिया वाहन भी जल गए। बसों से उठता धुआं आसपास इलाके में फैलने लगा।





















