मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में दीनारपुर जमीनी केस की सुनवाई के दौरान जिम्मेदार अफसरों की देरी पर सख्त रुख अपनाया। न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया ने फटकार लगाते हुए दो टूक शब्दों में कहा- अफसर भले ही देर से जागे हों, लेकिन अब नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
मध्यप्रदेश में अफसरशाही हावी है। जनता तो दूर, जिम्मेदार अफसर कोर्ट के आदेश तक की अनदेखी पर उतारू हैं। लेकिन अब अदालत के आदेश की अनदेखी अफसरों पर भारी पड़ी। कोर्ट ने सजा को तीन सप्ताह के लिए स्थगित रखा है ताकि आदेश का पालन किया जा सके।
मध्य प्रदेश में ओबीसी (OBC) आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस संवेदनशील विषय पर एक अहम आदेश जारी किया।
आखिरकार कांग्रेस के श्योपुर विधायक की विधायकी फौरीतौर पर बच ही गई। सुप्रीम कोर्ट ने मप्र हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया है। लेकिन कुछ शर्तें भी लगा दी है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कांग्रेस ने राहत की सांस ली है।
बिहार में राज्यसभा चुनाव के बाद मंची सियासी उठापटक के बीच पटना हाईकोर्ट ने आज यानी गुरुवार को जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्या मामले में जमानत दे दी है। अनंत सिंह पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुए इस हत्याकांड के आरोप में पटना की बेऊर जेल में बंद थे।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रदेश की अदालतों में सुरक्षा चूक और जजों की सुरक्षा पर सरकार से 31 मार्च तक रिपोर्ट मांगी है। जानें रजिस्ट्रार की रिपोर्ट के चौंकाने वाले तथ्य।
उत्तरप्रदेश के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बीती देर रात दिल्ली से आई एयर इंडिया की फ्लाइट में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब एक न्यायाधीश को परोसे गए भोजन में फंगस पाया गया। इस पर आपत्ति जताने के बाद मामला और बढ़ गया और केबिन क्रू के व्यवहार को लेकर हंगामा हो गया।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थान पर नमाज अदा करना धार्मिक अधिकार नहीं माना जा सकता। खासकर ऐसे स्थान पर जहां सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दे हों। अदालत ने मुंबई एयरपोर्ट के पास नमाज अदा करने की अनुमति देने से इंकार करते हुए कहा कि सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक ऐसे फैसले को पलट दिया है। इस फैसले में सिर्फ व्हाट्सएप चैट्स के आधार पर पति को उसकी पत्नी से क्रूरता का हवाला देकर तलाक मिल गया था। कोर्ट ने साफ कहा कि महज मैसेज दिखाकर तलाक नहीं दिया जा सकता, जब तक कि ठोस सबूत पेश न किए जाएं और दूसरी पार्टी को अपना पक्ष रखने का मौका न मिले।
केरल हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ पर लगी रोक हटा दी है। अब फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो सकेगी। जानें विवाद और कोर्ट के फैसले की पूरी जानकारी।





















