मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 34 करोड़ के धान परिवहन घोटाले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। फर्जी वाहनों से धान ढुलाई के मामले में सभी जिलों के कलेक्टरों और EOW से रिपोर्ट तलब की गई है।
मध्य प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के लापता होने के आंकड़ों ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश में औसतन हर दिन 130 से अधिक महिलाएं और बच्चियां गायब हो रही हैं। याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने वर्ष 2023 के बाद से लापता महिलाओं और बच्चों के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं, जिसके कारण 2024 से 2026 तक का कोई आधिकारिक डेटा उपलब्ध नहीं है।
पटना हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि हिंदू विवाह को वैध साबित करने के लिए केवल मतदाता सूची या भरण-पोषण का आदेश पर्याप्त नहीं है। विवाह हिंदू रीति-रिवाज और आवश्यक रस्मों के साथ संपन्न हुआ हो, इसका प्रमाण देना जरूरी है।
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर दायर याचिका ने सरकारी प्रक्रिया की समय-सारिणी पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने दावा किया कि बोर्ड के पुनर्गठन से जुड़ी नोटशीट पर रात एक बजे हस्ताक्षर किए गए।
कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। एसपी द्वारा तीन थानों का प्रभार वापस लिए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। प्रशासनिक मामलों और प्रारंभिक जांच के बीच बढ़ी उनकी मुश्किलें।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने डीएनए रिपोर्ट में कट पेस्ट के जरिए गलत नाम दर्ज होने के केस को गंभीरता से लिया है। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने भोपाल स्थित राज्य फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की पिछले पांच वर्षों में तैयार डीएनए और अन्य वैज्ञानिक रिपोर्टों में से 20 प्रतिशत रिपोर्टों की रैंडम जांच कराने के आदेश दिए हैं।
पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र के समान डीए और डीआर देने के केस में पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की सभी अपीलों को खारिज कर दिया है।
देश की न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने और टेक्नोलॉजी को शामिल करने पर वर्ष 2011 से अब तक 9,800 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद दशकों से अदालतों में धूल फांक रहे मुकदमों के निपटारे पर इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि एससी/एसटी एक्ट की एफआईआर और चार्जशीट रद्द होने पर पीड़ित वित्तीय मुआवजे के हकदार नहीं हैं। जानिए इस मामले की पूरी डिटेल।
भोपाल गैस त्रासदी के पर्यावरणीय प्रभावों पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने यूनियन कार्बाइड संयंत्र के आसपास के क्षेत्रों में भूजल के अब भी दूषित होने की शिकायतों को बेहद गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वास्तविक स्थिति का सत्य केवल स्वतंत्र और वैज्ञानिक परीक्षण से ही सामने आ सकता है।






















