भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा 2035 तक स्थापित किए जाने वाले स्वदेशी 'भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन' (BAS) के पांच-मॉड्यूल कॉन्फ़िगरेशन, 2028 के पहले लॉन्च (BAS-01), माइक्रोग्रेविट रिसर्च और इसके भविष्य के मकसदों की विस्तृत जानकारी।
भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने के केंद्र सरकार के फैसले के छह साल बाद, इसरो के कर्मचारी संघों ने इस नीतिगत बदलाव की दिशा पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अंतरिक्ष विभाग के तहत काम करने वाले हजारों कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 9 प्रमुख कर्मचारी संघों ने एक संयुक्त मांग पत्र सौंपकर अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष, अंतरिक्ष विभाग के सचिव और इसरो प्रमुख से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने शुक्रवार की आधी रात ठीक 2:55 बजे, जब पूरा देश गहरी नींद में था, तब आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वैज्ञानिक बड़ी ऐतिहासिक चुनौती का सामना कर रहे थे।
23 अगस्त को चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग की याद में मनाए जा रहे तीसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इसरो अध्यक्ष डॉ. वी नारायणन ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अंतरिक्ष क्षेत्र की भूमिका बेहद निर्णायक होगी।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने कृषि भूमि से अवैध रेत खनन को रोकने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को व्यापक नियामक ढांचा तैयार करने का निर्देश दिया है। अब AI और सैटेलाइट से होगी निगरानी।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में इन दिनों बड़ी उथल-पुथल मची हुई है। प्राइवेट स्पेस सेक्टर के आकर्षक पैकेज की ओर आकर्षित होकर पिछले एक साल में चंद्रयान-3 और गगनयान जैसे अहम मिशन से जुड़े 100 से 120 वरिष्ठ वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने इस्तीफा दे दिया है।
इसरो चेयरमैन वी नारायणन ने कहा कि गगनयान मिशन के तहत इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने से पहले 3 अनक्रूड मिशन लॉन्च किए जाएंगे। जानें मिशन की सुरक्षा और नई तकनीकों के बारे में।
इसरो के PSLV-C62 मिशन में तकनीकी गड़बड़ी। श्रीहरिकोटा से लॉन्च हुए 'भारत के सीसीटीवी' अन्वेषा (EOS-N1) और 14 अन्य उपग्रहों के प्रक्षेपण के दौरान तीसरे चरण (PS3) में खराबी आने से मिशन प्रभावित हुआ।
क्या चांद पर कोई बड़ी आफत आने वाली है? एक अनियंत्रित क्षुद्रग्रह 'आफत' चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है, जिससे संभावित टकराव का खतरा है। जानें क्यों वैज्ञानिक इस घटना को लेकर गंभीर हैं और इसके क्या हो सकते हैं परिणाम। चंद्र मिशन और अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए यह कितना बड़ा खतरा है?





















