संसद का नया सत्र जल्द बुलाए जाने के संकेतों ने देश के राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान के बाद विपक्ष में बेचैनी साफ देखी जा रही है। रिजिजू ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं से महिला आरक्षण कानून को जल्द से जल्द लागू करने का जो वादा किया था, सरकार उसी दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन पर नया टैरिफ लगाने की तैयारी में हैं। यह कदम चीन पर वैश्विक बाजार में कम कीमत वाले सामान की बाढ़ लाने के आरोप के बाद उठाया जा रहा है। प्रस्तावित शुल्क 7.5 फीसदी हो सकता है।
संसद का मानसून सत्र आज बिना किसी ठोस निर्णय के हंगामे की भेंट चढ़ गया। सत्र के अंतिम दिन लोकसभा की कार्यवाही महज 1 मिनट ही चल सकी। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन के तुरंत बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में हो रहे गतिरोध को लेकर आज जवाब दिया है। शाह ने बुधवार को कहा कि सरकार हर मुद्दे पर तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन को चलने दे। आज 3 बजे से चर्चा शुरू करें। मैं सदन में बैठूंगा, सुनूंगा और कल 3 बजे सबको जवाब दू्ंगा।
मध्यप्रदेश के मानसून सत्र में पारित समान नागरिक संहिता विधेयक के खिलाफ मुस्लिम समाज प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगा। भोपाल से कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में यूसीसी लागू कर मुस्लिमों के अधिकार छीने जा रहे हैं।
विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने लोकसभा में चार अहम बिल पेश किए। इनमें ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल, 2026, माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन अमेंडमेंट बिल, 2026 शामिल हैं। इसके अलावा केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 और नेशनल को-आॅपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन अमेंडमेंट बिल, 2026 भी पेश किए गए।
तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन विवादों में घिर गए हैं। एक रैली के दौरान सीएम और अभिनेत्री को लेकर किए गए एक अभद्र बयान पर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है। उनके खिलाफ पुलिस ने छह धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
देशभर में जारी नीट-यूज पेपर लीक विवाद की गूंज आज संसद के दोनों सदनों में स्पष्ट रूप से सुनाई दी। 25 जुलाई को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने वाले पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे। संसद भवन परिसर में एनडीए सांसदों ने उन्हें शॉल और पारंपरिक मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया और साथ लेकर सदन के अंदर गए।
नीट पेपर लीक को लेकर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षामंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस बीच तीन राज्यों में अलग-अलग मामलों को लेकर शिक्षामंत्री का इस्तीफा मांगा जा रहा है।






















