बिहार की राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज में दो जून की रात हुए हंगामे और फायरिंग मामले में फैजल खान उर्फ खान सर को एक बार फिर न्यायालय से राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने आज यानी शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को अगले आदेश तक जारी रखने का निर्देश दिया।
बिहार की राजधानी पटना स्थित ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के संचालक रौशन आनंद को बड़ी राहत मिली है। उन्हें जमानत मिल गई है, जिसके बाद वह आज सहरसा पहुंचकर अपने छोटे भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। परिवार और समर्थकों के लिए यह राहत भरी खबर है।
बिहार की राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज पर हुए बवाल केस से जुड़ी एक बड़ी वारदात सामने आई है। उक्त केस में फरार चल रहे ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
खान ग्लोबल स्टडीज के डायरेक्टर फैजल खान उर्फ खान सर को पटना सिविल कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। जिला जज की अदालत में सुनवाई के बाद उनकी गिरफ्तारी पर कोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। पुलिस से केस डायरी की मांग की गई है।
पटना के प्रसिद्ध शिक्षक खान सर (Faisal Khan) के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत कदमकुआं थाने में FIR दर्ज की गई है। नई धारा BNS 109 के तहत पुलिस कभी भी खान सर को गिरफ्तार कर सकती है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
बिहार की राजधानी पटना का सबसे बड़ा कोचिंग हब मुसल्लाहपुर हाट गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। देश के सबसे लोकप्रिय और चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग सेंटर पर अज्ञात बदमाशों ने सरेआम गोलीबारी की। हमलावरों ने कोचिंग को निशाना बनाते हुए पांच-छह राउंड फायरिंग की।
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को वैध और संवैधानिक करार दिया है। कोर्ट ने कहा-सिर्फ इसलिए इस प्रक्रिया को अवैध नहीं कहा जा सकता, क्योंकि यह सामान्य वोटर लिस्ट संशोधन प्रक्रिया से अलग है।
भारतीय चुनाव आयोग ने SIR के तीसरे चरण की घोषणा की। मई से दिसंबर 2026 तक 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 36.73 करोड़ मतदाताओं का घर-घर जाकर सर्वे होगा।
भारत चुनाव आयोग ने एसआईआर अभियान के तहत देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट से करीब 5.2 करोड़ अयोग्य मतदाताओं के नाम हटा दिए हैं, जो कि इन राज्यों के कुल मतदाताओं का 10.2 प्रतिशत है।
पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के लिए न्यायिक निर्णय प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही भारत निर्वाचन आयोग ने अनुमान लगाया है कि, पश्चिम बंगाल में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर लगभग 91 लाख हो गई है। हालांकि, ईसीआई ने अभी तक अंतिम आंकड़ा जारी नहीं किया है।






















