मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने उज्जैन की शाही मस्जिद को तोड़ने के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन के बीच आपसी सहमति से 3 फीट हिस्सा और दुकानें हटाने का फैसला हुआ है।
मध्यप्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा हटाने के खिलाफ सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, उन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इस बीच महिलाओं ने चक्काजाम कर दिया।
धर्मनगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले भव्य महाकुंभ यानी सिंहस्थ 2028 की तैयारियां बड़े पैमाने पर शुरू हो चुकी हैं। इस महाआयोजन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए शहर में चौड़ीकरण और विकास का बड़ा अभियान चलाया जा रहा है।
मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले चर्चित गोरकर बंधुओं के दोहरे हत्याकांड में फरार दो आरोपियों को नीलगंगा पुलिस ने करोहन क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर हमला कर भागने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई के दौरान दोनों के पैर में गोली लगी।
उज्जैन में युवा धर्म संसद को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मानव अहंकार पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि दुनिया इंसान की मर्जी से नहीं, बल्कि प्रकृति के शाश्वत नियमों से चलती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर उज्जैन में भव्य दीपोत्सव 'आशीर्वाद का दिया' आयोजित होगा। शिप्रा के घाटों और महाकाल लोक में 25 लाख से अधिक दीप जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। जानिए पूरी तैयारी और व्यवस्था।
गणेशोत्सव पर मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के खास दर्शन। उज्जैन महाकाल मंदिर में 5.51 लाख मोदक भोग, इंदौर खजराना में 7 करोड़ के स्वर्ण आभूषणों से श्रृंगार और मंदसौर के द्विमुखी चिंताहरण गणपति की विशेष रिपोर्ट।
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान सती गेट के खड़े हनुमान मंदिर को हटाने के प्रयास पर विवाद गहरा गया है। साध्वी हर्षानंद गिरि ने सरकार को 2 दिन का अल्टीमेटम दिया है। जानें पूरी खबर, IIT इंदौर की जांच और सोशल मीडिया के जरिए उमड़ रही भीड़ की रिपोर्ट।
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में महाकाल मंदिर से रामघाट को जोड़ने वाला 14वीं सदी का ऐतिहासिक क्षिप्रा द्वार अचानक ढह गया। हाल ही में इस पर 2.12 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
आगामी वर्ष-2028 के उज्जैन सिंहस्थ में आने वाले करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पहली बार अभूतपूर्व व्यवस्था की जा रही है। सिंहस्थ के इतिहास में पहली बार भारतीय सेना सीधे तौर पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की कमान संभालने में सहयोग करेगी।






















