मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित जमानत अर्जियों के शीघ्र निराकरण के लिए चीफ जस्टिस के निर्देश पर 7 विशेष एकल पीठों का गठन किया गया है। 29 अक्टूबर से 6 नवंबर तक प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे सुनवाई हो रही है। पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट।
जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश के 23 हजार ग्राम रोजगार सहायकों के हक में बड़ा फैसला सुनाया है। ट्रांसफर होने पर अब टीए और एचआरए मिलेगा। कोर्ट ने सरकार को 6 महीने में नीति बनाने के दिए निर्देश।
सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में मोकामा विधायक अनंत सिंह की जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। पढ़ें पूरी खबर और अनंत सिंह की प्रतिक्रिया।
दिल्ली-NCR में पटाखों पर नियंत्रण लागू करने में नाकाम रहने पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार और CAQM को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि निर्देश सिर्फ किताबी बनकर रह गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत एक्टर राजेश खन्ना की कथित पार्टनर अनीता आडवाणी की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने इस याचिका को 'लक्जरी लिटिगेशन' करार दिया।
कोच्चि मर्सिडीज हिट-एंड-रन हादसे में जज के नाबालिग बेटे को अग्रिम जमानत मिलने पर पीड़िता के परिवार ने उठाए गंभीर सवाल। क्या कानून सबके लिए बराबर है?
मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश (T&CP) के संयुक्त संचालक अमित गजभिए जबलपुर हाईकोर्ट की वर्चुअल सुनवाई के दौरान बिस्तर पर लेटे और अंडरपैंट पहने नजर आए। अदालत ने इसे न्यायालय की गरिमा के खिलाफ मानते हुए आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया है और सरकार से 4 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।
मध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (एमपी टीईटी) 2024 की नियम पुस्तिका में शामिल एक पात्रता शर्त को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने इस मामले में राज्य सरकार और कर्मचारी चयन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे में 16 श्रद्धालुओं की मौत के मामले को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने गंभीरता से लिया है। प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाने के विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के निर्णय के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की कि याचिकाकर्ताओं द्वारा यह दूसरी बार शांति भंग की गई है, और भले ही संगठन वही है, लेकिन उनका मकसद बदल गया है।




















