मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश को 53,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। वैश्विक मंच पर एआईएम कांग्रेस-2026 में प्रदेश की निवेश क्षमता, नीतियों और भावी संभावनाओं की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग का बड़ा कदम। मंत्री इन्दर सिंह परमार 9 सितंबर 2026 को 'ई-ज्ञानसेतु' (e-GyanSetu) यूट्यूब चैनल का करेंगे शुभारंभ। क्षेत्रीय भाषाओं में मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण ई-वीडियो कंटेंट।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम केंद्रीय मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें सामाजिक न्याय, शिक्षा और कृषि जैसे अहम मंत्रालयों के प्रदर्शन पर चर्चा होगी।
शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने वाले शिक्षकों से संवाद किया। इस बातचीत का पांच मिनट का एक वीडियो पीएम मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर जारी किया गया है।
देशभर में सरकारी स्कूलों की बदहाली और घटती छात्र संख्या के बीच राज्यों के शिक्षा बजट को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार अपने कुल बजट का औसतन केवल 13.76 फीसदी ही शिक्षा पर खर्च कर रही है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव और भाजपा पर साधा निशाना। इंजन-डिब्बे की लड़ाई, शिक्षा व्यवस्था और महंगाई को लेकर दी चेतावनी।
मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस के बाद अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर दर्ज होगी।
पूर्व केंद्रीय शिक्ष मंत्री और संबलपुर के भाजपा सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक विवाद और उसके बाद हुए अपने इस्तीफे पर दो सप्ताह बाद पहली बार चुप्पी तोड़ी है। भुवनेश्वर की जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि उनके लिए पद कभी महत्वपूर्ण नहीं था।
मध्यप्रदेश में निजी स्कूलो के संचालन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने सख्त और नई गाइडलाइन तय कर दी है। अब राज्य में किसी भी निजी हाई और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की स्थापना, मान्यता, नवीनीकरण, माध्यम या स्थान परिवर्तन के लिए सरकार की नई शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
पेपर लीक पर शिकंजा कसने के लिए संसद द्वारा पारित सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई है। विपक्षी दलों के वॉकआउट के बीच संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ यह कानून अब देशभर में लागू हो गया है।






















