मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए ई-प्रवेश के दूसरे चरण की आवंटन सूची जारी कर दी है। कुल 1.25 लाख छात्रों को कॉलेज अलॉट हुए हैं, जिन्हें 13 जून तक फीस जमा करनी होगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत उच्च शिक्षा में भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मध्यप्रदेश भोज मुक्त विवि में राज्य स्तरीय प्रारंभिक बैठक को आयोजित की गई। वहीं बैठक में निर्णय लिया गया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय समन्वय समिति गठित की जाएगी।
मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ई-प्रवेश प्रक्रिया 2026-27 अंतर्गत प्रथम चरण में विद्यार्थियों द्वारा उत्साहपूर्वक पंजीयन एवं प्रवेश प्रक्रिया में सहभागिता की जा रही है। अभी तक स्नातक, स्नातकोत्तर एवं एनसीटीई पाठ्यक्रमों में कुल 2,78,742 पंजीयन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2,10,460 आवेदनों का सत्यापन पूर्ण किया जा चुका है।
सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने अपनी भाषा नीति में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव किया है। हाल ही में जारी एक नए सर्कुलर के मुताबिक, इसी साल 1 जुलाई 2026 से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के कक्षा 9 के छात्रों के लिए अब तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है।
कुछ महीने पहले रिलीज हुए अभिनेत्री नोरा फतेही के गाना सरके चुनर पर जमकर विवाद हुआ था। अब गुरुवार को इस मामले में एक्ट्रेस राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने पेश हुईं। यहां उन्होंने मीडिया से बात कर अपनी सफाई दी। गौरतलब है कि इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोरा फतेही से पहले संजय दत्त को तलब किया था।
मध्यप्रदेश के दमोह जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग से जुड़े तीन कर्मचारियों को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। बीती देर शाम पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने जबलपुर रोड पर हुई इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया।
जारी शेड्यूल के अनुसार, प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत मार्च के तीसरे सप्ताह में विज्ञापन जारी होने के साथ होगी। इसके बाद 20 मार्च को सुबह 10 बजे से आनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। एक दशक से से चले आ रहे बेस्ट ऑफ फाइव सिस्टम, जिसमें एक विषय में फेल होने पर भी छात्र पास मान लिए जाते थे, उसे अब समाप्त किया जा रहा है।
देशभर में एनसीईआरटी की किताब को लेकर मच बवाल के बीच अब सीबीएसई ने भी एक बड़ा ऐलान किया है। दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन-2023) के तहत सीबीएसई अगले सत्र यानी कि 2027-28 से नया सीबीएसई थर्ड लैंग्वेज पॉलिसी- 2026 लागू करने जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट एनसीईआरटी क्लास 8 की टेक्स्ट बुक के चैप्टर न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को लेकर लिए गए स्वत: संज्ञान की सुनवाई जारी है। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जे बागची और जस्टिस पंचोली की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। सीजेआई की नाराजगी जताने के बाद एनसीईआरटी ने किताब वापस ले ली है।






















