नेपाल के मनासलू ट्रेकिंग क्षेत्र में बूढ़ी गंडकी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने एक बार फिर तबाई मचाई हुई है। इस भयावह हादसे में करीब 40 घर, छह पुल और पनबिजली बुनियादी ढांचा बह गए, जबकि दर्जनभर लोग लापता हैं।
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने देश के बुनियादी ढांचे को बर्बाद कर दिया है। प्राथमिक आंकलन के अनुसार, क्षतिग्रस्त ढांचा दोबारा खड़ा करने में 4.52 लाख करोड़ भारतीय रुपए का खर्च आएगा, जो नेपाल की कुल जीडीपी (4.32 लाख करोड़) से भी अधिक है।
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे देश में तबाही मचा दी है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा से देश को करीब 400 अरब नेपाली रुपए का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी-त्रिशूली नदी घाटी में आई विनाशकारी बाढ़ को 7 दिन पूरे हो चुके हैं। जानें मौतों के आंकड़े, हाइड्रोपावर टनलों में बचाव कार्य, सामूहिक दफन और भारत द्वारा दी जा रही मदद की विस्तृत रिपोर्ट
देश के बड़े हिस्से में मानसून एक बार फिर विकराल रूप ले चुका है। भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दक्षिण के केरल-कर्नाटक में जहां प्राकृतिक आपदाओं के कारण 9 लोगों की जान जा चुकी है और 6 लोग लापता हैं।
देशभर में मानसून के दूसरी बार सक्रिय होने से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। उत्तराखंड और सिक्किम, बंगाल के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।


















