जिला अस्पताल के एनआरसी में 2012-13 से पुरुष केयरटेकरों की तैनाती पर सवाल उठे हैं। महिला कर्मियों की नियुक्ति संबंधी गाइडलाइन और पुराने आदेशों के बावजूद व्यवस्था नहीं बदली, अब कार्रवाई की उम्मीद।
सतना जिले के मझगवां में कुपोषण से मासूम की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। जांच में लापरवाही, एनीमिया और सुविधाओं की कमी सामने आई, जिससे जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज हुई।
सतना के सुरांगी गांव में मासूम सुप्रांशी की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया। संयुक्त टीम ने तीन कुपोषित बच्चों की पहचान की, एक को रेफर किया, दो परिवारों ने भर्ती से इंकार किया।
सतना जिले में कुपोषण गंभीर चुनौती बना हुआ है। 1357 बच्चे अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में हैं, लेकिन पोषण पुनर्वास केंद्रों में बेड खाली पड़े हैं। विभागीय समन्वय की कमी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सिरमौर सिविल अस्पताल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्म दिवस पर आयोजित स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान की बैठक में बाल रोग विशेषज्ञ ने चिंता जताई कि क्षेत्र में कुपोषित बच्चों की भरमार है, जबकि पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में बेड खाली पड़े हैं। आगामी कार्यशालाओं में इस समस्या पर जनभागीदारी से काम होगा।

















