पंजाब के फिरोजपुर जिला कोर्ट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बम होने की सूचना मिलने की अफवाह फैल गई। एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे कोर्ट परिसर को खाली करवा दिया।
नए साल में मध्यप्रदेश का मंत्रालय पुराने अफसरों से पूरी तरह से खाली हो जाएगा। नए-नए चेहरे नजर आएंगे। हालांकि उज्जैन सिंहस्थ-2028 को देखते हुए कुछ अनुभवी अफसरों का कार्यकाल सरकार बढ़ा भी सकती है।
खजूर (Dates) एक सुपरफूड है जो आपको इंस्टेंट एनर्जी, बेहतर पाचन और मजबूत इम्यूनिटी देता है। न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह: जानिए सुबह खाली पेट सिर्फ 2 खजूर खाने के गज़ब के स्वास्थ्य लाभ और इसे कैसे खाएं।
तकनीकी शिक्षा विभाग ने MP के 209 कॉलेजों में MBA की विशेष प्रवेश प्रक्रिया रोकी। 57,904 MBA सीटों में से 36,993 प्रवेश हुए, जबकि फार्मेसी में 20,000 से अधिक सीटें खाली हैं। जानें CLC काउंसलिंग और प्रवेश की अंतिम तिथियाँ।
मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा का बड़ा संकट: 2025-26 सत्र के लिए 28,560 सीटों में से लगभग 10,825 सीटें (50% तक) खाली रहने का अनुमान है। जानें क्यों गिर रहा है छात्रों का भरोसा, क्या है फर्जी कॉलेजों और सरकारी निगरानी की कमी का असर।
सिरमौर सिविल अस्पताल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्म दिवस पर आयोजित स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान की बैठक में बाल रोग विशेषज्ञ ने चिंता जताई कि क्षेत्र में कुपोषित बच्चों की भरमार है, जबकि पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में बेड खाली पड़े हैं। आगामी कार्यशालाओं में इस समस्या पर जनभागीदारी से काम होगा।
रीवा जिले के सरकारी कॉलेजों में इस बार एडमिशन प्रक्रिया बुरी तरह फ्लॉप रही। 18 कॉलेजों में कुल 27,445 सीटों में से 10,142 सीटें खाली रह गईं। खासकर बैकुंठपुर और संस्कृत कॉलेजों की हालत बेहद खराब है। बैकुंठपुर कॉलेज में 1260 सीटों में से केवल 39 पर ही एडमिशन हुआ। कई नामी कॉलेज भी सीटें नहीं भर पाए, जिससे उच्च शिक्षा की गिरती मांग पर सवाल उठ रहे हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट में बम की धमकी
जानिए मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में लाखों सीटें क्यों खाली रह रही हैं। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया की जटिलता और तकनीकी समस्याओं के कारण छात्रों को हो रही परेशानी।
रीवा जिले के 18 सरकारी कॉलेजों में इस साल प्रवेश की स्थिति बेहद खराब है। कुल 27,445 सीटों में से अब तक सिर्फ 13,587 भरी गई हैं, यानी 14,000 से ज्यादा सीटें खाली हैं। कई नए खुले कॉलेजों में हालात और भी बुरे हैं—बैकुंठपुर में 1260 सीटों में सिर्फ 41 प्रवेश हुए हैं। गर्ल्स डिग्री कॉलेज, जो कभी सबसे ज्यादा लोकप्रिय था, वहां भी 50% से कम एडमिशन हुआ है। उच्च शिक्षा विभाग हर दूसरे दिन CLC राउंड चला रहा है, लेकिन छात्र नहीं मिल रहे।






















