मैहर के पीएम कन्या विद्यालय में जर्जर भवन और कक्षाओं की कमी से छात्राएं परेशान हैं। वहीं संदीपनि स्कूल में बिजली विवाद के कारण पढ़ाई प्रभावित हुई, जिससे उमस और पानी की समस्या के बीच विद्यार्थियों को समय से पहले छुट्टी देनी पड़ी।
सतना जिला अस्पताल की जर्जर इमारत में रैंप की छत का प्लास्टर गिरने से सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे। रोजाना 1500 मरीजों की आवाजाही के बावजूद मरम्मत और पुनर्निर्माण को लेकर प्रशासनिक उदासीनता बनी हुई है।
सिंगरौली के अमिलिया-गड़ाखाड़ मार्ग पर भारी कोल वाहनों की आवाजाही से सड़क जर्जर हो गई है। बारिश में गड्ढों से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है, जबकि ग्रामीण तत्काल मरम्मत और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।
सतना-सेमरिया मार्ग के निर्माण के लिए 87.50 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हुआ। जर्जर सड़क, गड्ढों और रखरखाव की कमी से ग्रामीणों व यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भोपाल के जवाहर चौक में गुरुवार दोपहर 5 दुकानों की छतें और छज्जे गिर गए। दुकानदार बाल-बाल बचे। व्यापारियों ने मेट्रो निर्माण और निगम की लापरवाही को हादसे का जिम्मेदार बताया है।
शहडोल शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में सीवरेज निर्माण एजेंसी की लापरवाही से सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। अधूरे कार्य और निर्माण रोकने की मनमानी से आम जनता और व्यापारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सतना जिला पंचायत की सामान्य सभा में सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों ने कड़ा रुख अपनाया। पीएमजीएसवाई के महाप्रबंधक पर जर्जर सड़कों और अधूरे कार्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए, साथ ही शीघ्र कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
सतना शहर की सड़कों की हालत जर्जर हो चुकी है। गड्ढों और पानी से भरी गलियां दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं। ओवरब्रिज से लेकर सिविल लाइन और स्टेशन रोड तक हर रास्ता एक्सीडेंटल जोन बन गया है। नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही से जनता त्रस्त और व्यापार चौपट है।
पन्ना जिले में शासकीय विद्यालयों की बदहाल व्यवस्था पर हिंदू युवा वाहिनी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जर्जर भवन, खस्ताहाल शौचालय और पानी की समस्या को लेकर संगठन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सतना जिले के सितपुरा-छींदा मार्ग की हालत बद से बदतर, बारिश में दलदल और गड्ढों से ग्रामीण परेशान। ट्रक-ट्रैक्टर फंसने से जाम लगा, प्रशासन चुप। एक माह से मरम्मत की मांग अनसुनी, सड़क पर धान रोपने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई। अब ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरने का एलान किया है। जानिए पूरा मामला।






















