बारिश के बाद सतना में जलभराव से डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा है। अगस्त में सात मलेरिया और दो डेंगू मरीज मिले। उचेहरा के वीरपुर निवासी युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, प्रशासन ने रोकथाम अभियान तेज किया।
सतना की जीवन ज्योति कॉलोनी में डेंगू से महिला की मौत के बाद परिवार के दो सदस्यों की रिपोर्ट अलग-अलग आई। सतना में पॉजिटिव और नागपुर में निगेटिव रिपोर्ट से परिजन असमंजस में हैं।
मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने मानसून में डेंगू नियंत्रण के लिए देश का अनोखा AI आधारित प्रेडिक्शन सिस्टम लॉन्च किया है। डॉ. हिमांशु जायसवार के अनुसार यह सिस्टम एक महीने पहले ही डेंगू हॉटस्पॉट का पूर्वानुमान लगाएगा। पूरी रिपोर्ट और बचाव के उपाय पढ़ें।
सतना जिले में बरसात के चलते संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। उल्टी, दस्त, पीलिया, हैजा, मलेरिया और डेंगू जैसे रोगों की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टीमों का गठन किया है। सभी ग्रामों में डिसइंफेक्शन और जागरूकता अभियान जारी है।
सतना जिला अस्पताल में प्लेटलेट्स मशीन कई दिनों से बंद पड़ी है, जिससे डेंगू और चिकनगुनिया जैसे रोगियों को ब्लड बैंक से प्लेटलेट्स और प्लाज्मा नहीं मिल पा रहा है। परिजन निजी अस्पतालों का सहारा ले रहे हैं। एफेरेसिस मशीन की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक नहीं मिली मंजूरी।
राजधानी भोपाल में डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और आम जनता दोनों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
सतना जिला अस्पताल में 5 दिनों में 7433 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। बारिश के चलते डेंगू, टायफाइड, पीलिया और उलटी-दस्त जैसे जल जनित रोगों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। डॉक्टरों ने साफ पानी और ताजा भोजन की सलाह दी है।



















