बारिश के बाद सतना में जलभराव से डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा है। अगस्त में सात मलेरिया और दो डेंगू मरीज मिले। उचेहरा के वीरपुर निवासी युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, प्रशासन ने रोकथाम अभियान तेज किया।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी अब मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा रहा है। जिले में डेंगू और मलेरिया के मरीज सामने आने लगे हैं। ताजा मामले में रविवार को उचेहरा ब्लॉक के पोंडी अंतर्गत वीरपुर गांव निवासी 26 वर्षीय डेविड कुमार दहायत की जांच रिपोर्ट मलेरिया पीवी पॉजिटिव मिली है। वे ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे थे, जहां चिकित्सक ने आवश्यक जांच लिखी थी। 23 अगस्त को आई रिपोर्ट में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई। मरीज को पुरुष मेडिकल वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। बताया जाता है कि मरीज मुंबई में रहकर कार्य करता है बुखार की शिकायत पर इलाज कराने सतना लौटा है।
इस माह डेंगू के 2, मलेरिया के 7 मरीज मिले & मलेरिया विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अगस्त के बीच जिले में डेंगू के 44 और मलेरिया के 40 मरीज सामने आ चुके हैं। डेंगू के 29 मरीज सतना और 15 मैहर में मिले हैं। वहीं मलेरिया के 37 मरीज सतना तथा तीन मरीज मैहर में पाए गए हैं। खास बात यह है कि डेंगू और मलेरिया के अधिकांश मामले अगस्त में सामने आए हैं, जिससे बारिश के बाद संक्रमण बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है। आंकड़ों को देखें तो इस माह डेंगू के दो और मलेरिया के अब तक सात मरीज मिल चुके हैं।
जलभराव बना मच्छरों का ठिकाना
शहर की कई बस्तियों और खाली प्लाटों में बारिश का पानी जमा है। धवारी, केशव नगर, टिकुरिया टोला, बजरहा टोला, राजेंद्र नगर और सिंधी कैंप सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखी गई है। लंबे समय से जमा पानी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बना रहा है। स्थानीय स्तर पर चिंता यह है कि जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों के लार्वा नष्ट करने के लिए प्रभावी अभियान नजर नहीं आ रहा। लोगों का कहना है कि न तो नियमित रूप से लार्वा विनिष्टीकरण किया जा रहा है और न ही मलेरिया नियंत्रण के लिए कीटनाशी का पर्याप्त छिड़काव और फॉगिंग दिखाई दे रही है। बारिश के बाद यदि जलभराव वाले स्थानों की सफाई, लार्वा विनिष्टीकरण और फॉगिंग में तेजी नहीं लाई गई तो आने वाले दिनों में डेंगू-मलेरिया के मामलों में और वृद्धि हो सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य और नगरीय निकाय को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर तत्काल रोकथाम अभियान चलाने की जरूरत है।
हैजा-मलेरिया की रोकथाम करेगी पांच सदस्यीय टीम
बारिश के बाद जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. सतीश कुमार एस ने जिले में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। डेंगू, हैजा, मलेरिया, चिकनगुनिया, पीलिया सहित संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए जिले के 10 अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की गई है। समिति को क्षेत्रवार जांच और कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश के मुताबिक समिति सार्वजनिक स्थानों, बाजार, उपहारगृह, भोजनालय, होटल और खाद्य पदार्थ बेचने वाली दुकानों की जांच करेगी। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ साफ-सफाई की स्थिति देखी जाएगी। संदेह होने पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार संचालित करने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
पानी जमा मिला तो तत्काल कार्रवाई
अभियान के दौरान नालियों, गड्ढों, पोखरों, बंद नालों और अन्य स्थानों पर जमा पानी की जांच की जाएगी। मच्छरों के लार्वा पाए जाने पर उनका विनिष्टीकरण कराया जाएगा। निजी और सार्वजनिक जलस्रोतों की सफाई के साथ क्लोरीनेशन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। पानी की टंकियों की सफाई और पेयजल की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जाएगी। नालियों और जलभराव वाले स्थानों की नियमित सफाई कराई जाए। जहां आवश्यक हो, वहां कीटनाशक का छिड़काव और फॉगिंग कराई जाए। लोगों को भी घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया जाएगा।
रविवार को मरीज मलेरिया पॉजिटिव मिला, जिसे वार्ड में भर्ती किया गया है। वर्तमान में जलजनित बीमारियों से मेडिसिन ओपीडी में 250 के पार मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। सभी मरीजों को बुखार की शिकायत आ रही है। मरीजों की खून जांच कराई जा रही है। कई मरीजों की प्लेटलेट्स में गिरावट आ रही है। गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
डॉ. विक्रम सिंह, एमडी मेडिसिन, जिला अस्पताल


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