पन्ना में रिकॉर्ड बारिश से किसानों को राहत मिली, लेकिन जिला अस्पताल में जलभराव ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। वार्डों में पानी भरने से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और ड्रेनेज सिस्टम की तैयारियों पर सवाल खड़े हुए।
सतना में 24 घंटे में 79.1 मिमी बारिश ने तीन वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री पर पहुंचा, जिससे उमस से राहत मिली, जबकि कई सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव भी हुआ।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में छत से रिस रहे पानी के कारण बेसमेंट पार्किंग जलमग्न हो गई है। जर्जर ढांचे, क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइन और खराब रखरखाव को लेकर डॉक्टरों व कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
सतना में तेज बारिश के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव, घरों में पानी घुसने और बिजली बाधित होने की समस्या सामने आई। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।
सतना में पहली ही बारिश ने स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोल दी। जलभराव, बिजली कटौती, नालियों का गंदा पानी घरों और दुकानों में घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीधी जिले में मघा नक्षत्र में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश से शहरी और ग्रामीण इलाकों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई मोहल्लों में पानी भर गया, दुकानों और घरों में लीकेज से लोग परेशान हैं, वहीं फुटपाथ दुकानदार रोज़ी-रोटी के संकट से जूझ रहे हैं। हालांकि बारिश ने किसानों के चेहरों पर धान की फसल की उम्मीद से रौनक लौटा दी है।
सतना जिले में लगातार बारिश से ग्रामीण इलाके जलमग्न हो गए हैं। चित्रकूट की मां मंदाकिनी नदी उफान पर है और गुप्त गोदावरी में पानी भरने से गेट बंद कर दिए गए। रामनगर क्षेत्र में भारी बारिश के चलते बाणसागर डैम के 10 गेट खोले गए हैं।
पन्ना के सोनू विश्वकर्मा कुंवरपुर नाले के तेज बहाव में बह गए, उनकी बाइक बरामद कर ली गई है लेकिन युवक का अब तक सुराग नहीं लग पाया। वहीं अजयगढ़ में तेज बारिश से बगराजन देवी मंदिर के पास सीसी सड़क भी बह गई, जिससे जनजीवन प्रभावित है।
सतना जिले में भारी बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सतना नदी में आए उफान के चलते धवारी-जिगनहट मार्ग समेत कई रास्ते बंद हो गए हैं। कोठी, बिरसिंहपुर, चित्रकूट, मझगवां सहित कई क्षेत्रों में रपटे डूब गए हैं और पुलों पर आवागमन रोक दिया गया है।






















