सतना में दस घंटे की तेज बारिश से चार इंच से अधिक पानी बरसा। उमरी, भरहुत नगर, मास्टर प्लान सहित कई इलाकों में जलभराव हुआ, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया।
रीवा में 20 अगस्त की बाढ़ के पांच दिन बाद भी कई मोहल्ले जलमग्न हैं। लोग घरों में कैद हैं और नाव से आवाजाही कर रहे हैं। महापौर ने जलभराव के कारणों की जांच और स्थायी समाधान की रिपोर्ट मांगी।
बारिश के बाद सतना में जलभराव से डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा है। अगस्त में सात मलेरिया और दो डेंगू मरीज मिले। उचेहरा के वीरपुर निवासी युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, प्रशासन ने रोकथाम अभियान तेज किया।
रीवा के सोहागी क्षेत्र में भारी बारिश से बाढ़ ने तबाही मचाई। मझिगवां के ककरहा टोला में करीब 40 कच्चे मकान ढह गए। ग्रामीणों ने नुकसान, राहत की कमी और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का आरोप लगाया।
चित्रकूट में बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर घटने लगा है। बाबूपुर में जलभराव की समस्या दूर की गई। प्रशासन ने पुल-रपटों से दूरी, जलभराव में सेल्फी रोकने और सुरक्षित रहने की अपील की।
पन्ना में रिकॉर्ड बारिश से किसानों को राहत मिली, लेकिन जिला अस्पताल में जलभराव ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। वार्डों में पानी भरने से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और ड्रेनेज सिस्टम की तैयारियों पर सवाल खड़े हुए।
सतना में 24 घंटे में 79.1 मिमी बारिश ने तीन वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री पर पहुंचा, जिससे उमस से राहत मिली, जबकि कई सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव भी हुआ।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में छत से रिस रहे पानी के कारण बेसमेंट पार्किंग जलमग्न हो गई है। जर्जर ढांचे, क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइन और खराब रखरखाव को लेकर डॉक्टरों व कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
सतना में तेज बारिश के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव, घरों में पानी घुसने और बिजली बाधित होने की समस्या सामने आई। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।






















