रीवा में 20 अगस्त की बाढ़ के पांच दिन बाद भी कई मोहल्ले जलमग्न हैं। लोग घरों में कैद हैं और नाव से आवाजाही कर रहे हैं। महापौर ने जलभराव के कारणों की जांच और स्थायी समाधान की रिपोर्ट मांगी।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
20 अगस्त को आई बाढ़ ने पूरे रीवा को डुबो दिया था। पांच दिन बीत गए। कई मोहल्लों से बाढ़ का पानी उतर गया। लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन कुछ मोहल्ले अब भी ऐसे हैं, जहां बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। यहां पानी भरा हुआ है। लोग फंसे हैं। बच्चों का स्कूल जाना बंद है। नगर निगम इन कालोनियों का पानी निकाल नहीं पा रहा है। सड़कें डूबी हुई हैं। लोगों को आने जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। सभी घरों में कैद होकर रह गए हैं।
आपको बता दें कि 19-20 अगस्त की रात को सिर्फ 6 घंटे मुसलाधार बारिश हुई थी। रातभर बारिश हुई। सुबह जब लोगों की आंख खुली तो चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी था। कोई भी ऐसा मोहल्ला नहीं बचा था। जहां पानी न भरा हो। लोगों के घरों में पानी भर गया था। एक एक मंजिल घर डूब गए थे। यह नजारा वर्ष 2016 की बाढ़ से भी भयानक था। कुछ ऐसे मोहल्ले थे, जो ज्यादा प्रभावित थे। शहर के बीच में थे। वहां डिप्टी सीएम से लेकर सीएम तक पहुंचे। तुरंत प्रशासन एक्टिव हुआ और पानी की निकासी की व्यवस्था बन गई लेकिन कई मोहल्ले ऐसे हैं, जहां के लोग सड़कों पर भी उतरे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। अब भी मोहल्लों में पानी भरा है। राहत नहीं मिल पा रही है। मोहल्ला जलमग्न है। लोग घरों में कैद हैं। जिनका कच्चा मकान है, वह घर छोड़ चुके हंै। 5 दिनों से कहीं और रह रहे हैं। घरों के चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी भरा हुआ है। बच्चों से लेकर बड़े तक घर में ही कैद है। चलने के लिए सड़क नहीं है। यहां के लोग सभी से गुहार लगा चुके हैं लेकिन राहत नहीं मिली। नगर निगम के अधिकारियों ने भी निरीक्षण किया लेकिन पानी निकासी की व्यवस्था नहीं बना पाए हैं।
जहां हालात बिगड़े हैं वह सब अवैध कालोनियां
जिन चार कालोनियों और वार्डों में पानी भरा हुआ है। वह सारी अवैध कालोनियां हैं। गायत्री कालोनी तो खदान को पाट कर बनाई गई है। यह ऐसी जगह पर बसी हुई है। जहां से पानी निकासी की कोई व्यवस्था ही नहीं है। अब इसका सजा यहां के लोगों को भुगतनी पड़ रही है। इसी तरह वार्ड क्रमांक 15 में रतहरी तालाब को पाट कर बसाई गई कालोनी में भी पानी भरा हुआ है। यह भी अवैध कालोनी है। इसके अलावा वार्ड 15 में भी आचार्य नगर में पानी भरा हुआ है।
अब तक गुढ़ में हुई सर्वाधिक बारिश
जिले में 25 अगस्त को 18.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। इस दिन तहसील जवा में 42 मिलीमीटर तथा सिरमौर में 35 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। जिले में एक जून से अब तक 483.5 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में तहसील हुजूर में 515.3 मिमी, रायपुर कर्चुलियान में 519.3 मिमी, गुढ़ में 798 मिमी, सिरमौर में 467.4 मिमी, त्योंथर में 297 मिमी, सेमरिया में 414 मिमी, मनगवां में 347 मिमी और जवा में 510 मिमी वर्षा दर्ज की गई। गत वर्ष इसी अवधि में जिले में 730.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई थी। रीवा जिले की सामान्य औसत वर्षा 1044.6 मिमी है। जिले के सिंचाई का प्रमुख स्रोत बाणसागर बांध का जल स्तर अधिकतम 341.64 मीटर के नजदीक पहुंच गया है। बांध में लगातार पानी की आवक को देखते हुए 24 अगस्त को इसके 3 गेट 50 सेंटीमीटर तक खोले गए हैं।
बाढ़ को लेकर एक्शन में नगर निगम, महापौर ने इंजीनियरों से मांगी एक सप्ताह में रिपोर्ट
महापौर अजय मिश्रा बाबा ने निगमायुक्त अक्षत जैन की उपस्थिति में मंगलवार को निगम अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने 20 अगस्त को रीवा में आई बाढ़ के कारणों एवं स्थायी निदान की वार्डवार रिपोर्ट तीन दिवस में मांगी। अमृत योजना के अंतर्गत निर्मित स्टॉर्म वाटर नालों की लंबाई, चौड़ाई एवं गहराई निर्धारित स्पेसिफिकेशन एवं मापदंड के अनुरूप है अथवा नहीं, इसकी जांच कर सात दिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। निकासी स्थल पर नालों की साइज कम पाए जाने वाले स्थलों का विशेष रूप से परीक्षण करने के निर्देश दिए। महापौर ने पोखरी टोला, वार्ड क्रमांक 15 एवं 25 की सीमा में बनाए गए नाले की गुणवत्ता एवं लेवल की जांच कर करने को कहा एवं अनियमितता पर दोषी के विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। नाली एवं पुलिया निर्माण के अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा नाली एवं नालों की निकासी में जहां-जहां अतिक्रमण है, उसे चिन्हित कर हटाने की रिपोर्ट भी मांगी है। समस्त अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध 15 दिवस के अंदर कार्यवाही पूर्ण करने तथा लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई के भी निर्देश दिए ।
कम पानी निकासी वाले नालों को चिन्हित करें इंजीनियर
विभिन्न क्षेत्रों के नालों को क्षमता से कम निकासी वाले स्थलों में मिलाने के कारण होने वाले जलभराव वाले स्थलों को चिन्हित करने को कहा। इनमें नेहरू नगर में मिश्रा पेट्रोल पंप के सामने, वार्ड क्रमांक 09 में इंजीनियरिंग कॉलेज की पश्चिमी बाउंड्री के पास, वार्ड क्रमांक 27 में गुढ़ मार्ग टॉकीज के पास तथा फूलमती मंदिर के ऊपरी क्षेत्र सहित अन्य स्थल शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में बिना तकनीकी आधार के अनुपयोगी निर्माण के प्रस्ताव नहीं दिए जाएं।
शहर में संचालित डेयरी को बाहर ले जाने के निर्देश
बैठक में महापौर ने शहर से संचालित डेयरी को बाहर करने की योजना तत्काल तैयार कर आवासीय मोहल्लों से डेयरी हटाने के निर्देश दिए। कनौडिया पेट्रोल पंप की नाप कर अतिक्रमण हटाने तथा शहर के रोड सिग्नलों को शीघ्र दुरुस्त कराने को भी कहा। कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही नहीं करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में धनेन्द्र सिंह, प्रकाश द्विवेदी, एम एस सिद्दीकी, राजेश सिंह, राजेश मिश्रा, पीएन शुक्ला, कमलेश्वर सिंह, रमेश सिंह, मुरारी कुमार, दीपक सिंह तोमर, निलेश चतुर्वेदी, हेमन्त त्रिपाठी के साथ अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी सहित संविदाकार के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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