सतना की फल-सब्जी मंडी में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। सड़े कचरे और दुर्गंध से व्यापारी व ग्राहक परेशान हैं, जबकि नियमित सफाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।
सतना स्मार्ट सिटी योजना के तहत कोठी तिराहे पर करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई गई सब्जी मंडी अब शराबियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुकी है। चबूतरों पर सब्जियों की जगह शराब और गांजे का सेवन होता है, जबकि दुकानदार सड़कों पर दुकानें लगाने को मजबूर हैं।
सतना के सब्जी मंडी क्षेत्र में पुलिस ने शनिवार देर शाम जुआ और सटटा अड्डे पर छापा मारा। कार्रवाई में पुलिस ने 6 सटोरियों और 3 जुआरियों को मौके से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से सटटा पर्ची और ताश की गड्डी बरामद हुई। सभी के खिलाफ सट्टा अधिनियम और जुआ एक्ट की धारा 13(क) के तहत मामला दर्ज कर SDM न्यायालय में पेश किया गया।
मध्यप्रदेश देश में सब्जी उत्पादन की दृष्टि से तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। प्रदेश में किसानों द्वारा 12 लाख 85 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। इनमें सर्वाधिक उत्पादन टमाटर का है, उल्लेखनीय मध्यप्रदेश टमाटर के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है।
सावन की बारिश ने सतना सहित आस-पास के इलाकों में सब्जियों की कीमतों को बेकाबू कर दिया है। टमाटर 50 रुपये किलो, मिर्च 100 रुपये किलो और धनिया 100 रुपये किलो तक पहुंच गया है। बारिश, खराब फसलें, बिचौलियों की मुनाफाखोरी और कमजोर सप्लाई चेन इस महंगाई के प्रमुख कारण हैं।

















