रीवा संभाग में आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीयन लक्ष्य का सिर्फ 58% पूरा हुआ। 2 लाख से अधिक बच्चे अब भी केंद्रों से दूर हैं, अभिभावकों की उदासीनता और जागरूकता की कमी बड़ी वजह बनी।
सतना में कचरा जलाने से ट्रांसफार्मर में आग लगी और पास खड़ी कार जल गई। बढ़ते लोड और कमजोर बिजली व्यवस्था से लगातार हादसे हो रहे हैं, जिससे शहरवासियों में भारी आक्रोश है।
पन्ना के पवई में 87 करोड़ की जल परियोजना के बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। एजेंसी और नगर परिषद के बीच तालमेल की कमी से जनता अब भी जल संकट झेलने को मजबूर है।
सतना में गेहूं भंडारण संकट गहराया, बारदाने की भारी कमी के बीच साइलो बैग समाधान बना। एक लाख एमटी मांग पर 45 हजार एमटी मंजूरी से व्यवस्थाओं और योजना पर सवाल खड़े हो रहे।
सतना से उठे धान मिलिंग विवाद में 67 फीसदी नियम पर सवाल, मिलर्स के अनुसार केवल 30-32 फीसदी चावल निकल रहा, हाईकोर्ट ने 55 फीसदी राहत दी, नीति और गुणवत्ता पर बड़ा संकट सामने आया
सतना जिले में गेहूं खरीदी से पहले बड़ी लापरवाही सामने आई, 77 उपार्जन केंद्रों में से सिर्फ 28 ऑनलाइन हैं, जिससे किसानों को स्लॉट बुकिंग में परेशानी और फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया
सतना के शासकीय मेडिकल कॉलेज में पाइपलाइन फटने से पानी सप्लाई बंद हो गई, जिससे 650 से अधिक छात्र, डॉक्टर और परिवार प्रभावित हुए, लिफ्ट बंद होने और परीक्षाओं से पहले संकट और गहराया है
सिंगरौली जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी और अनुपस्थिति से मरीज परेशान, आरोप है कि सरकारी डॉक्टर निजी क्लीनिकों में व्यस्त, इलाज न मिलने से नाराजगी बढ़ी, स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे
सतना और मैहर में एलपीजी सिलेंडर के लिए अफरातफरी, लंबी कतारें, अमरपाटन में चक्काजाम, कोठी में पुलिस बुलानी पड़ी, आपूर्ति गड़बड़ी और अनियमितताओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं
सिंगरौली के कपुरदेई में हजारों आदिवासी दूषित नाले का पानी पीने को मजबूर हैं, हैंडपंप खराब और योजनाएं फेल। शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं, ग्रामीणों ने स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग उठाई है।






















