सतना और मैहर में एलपीजी सिलेंडर के लिए अफरातफरी, लंबी कतारें, अमरपाटन में चक्काजाम, कोठी में पुलिस बुलानी पड़ी, आपूर्ति गड़बड़ी और अनियमितताओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
इन दो तस्वीरों को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक एलपीजी सिलेंडर को लेकर किस कदर अफरातफरी मची हुई है। जिम्मेदारों का इस अपनी ढपली अपना राग वाला अंदाज है। क्या इन तस्वीरों को देखकर भी जिम्मेदार यही कहेंगे कि किल्लत नहीं है? या फिर कोई और बहाना तलाशेंगे? हो, कुछ भी लेकिन दो जिलों के दो बड़ी तहसील मुख्यालय में एलपीजी सिलेंडर लेने गए लोगों की जो तस्वीरें आर्इं उन्होने इसके नाम पर मामूली सा संशोधन किया है यहां एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) का मतलब एल से लाइन..पी से परेशानी..जी से गिड़गिड़ाओ हो गया है।
शुक्रवार के दिन कोठी और अमरपाटन नगर में एलपीजी गैस का एक सिलेंडर पाने के लिए लोग सुबह से ही कतार में देखे गए। जैसे-जैसे दिन चढ़ा भीड़ भी बढ़ती गई। नौबत यहां तक आ गई कि सिलेंडर के लिए लोग सड़क तक आ गए। अमरपाटन में तो चक्का जाम ही कर दिया। जानकारी के मुताबिक मानसी गैस एजेंसी अमरपाटन के सामने लोगों ने चक्काजाम कर दिया। मुख्य मार्ग में बैठे नाराज लोगों के कारण वाहनों का तांता लगा गया। इस पर एसडीएम डॉ. आरती सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने के प्रयास किए। एसडीएम ने मौके पर कतार में पाया कि दूसरों के कॉर्ड लेकर लोग खड़े थे।
इस पर एसडीएम ने कहा कि अब से वितरण के लिए पहचान पत्र और मूल गैस कार्ड लाना अनिवार्य होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि एजेंसी पर भीड़ कम करने के लिए शनिवार से अनिवार्य रूप से होम डिलीवरी शुरू की जाए। इसी तरह कोठी में रंजना गैस एंजेसी के बाहर लंबी कतार लग गई। इससे पहले सिफारिशों का दौर जारी रहा। बात नहीं बनी तो लोग सिलेंडर लेकर कतार में खडेÞ हो गए। कोई खेत में खड़ा था कि तो कोई सड़क पर भी। इसके बाद बात नहीं बनी तो पुलिस बुलानी पड़ी।
क्या इसलिए अभी भी कतार
बड़ा सवाल है कि कतार खत्म क्यों नहीं हो रही है। इसका जवाब एक सच्ची घटना के जिक्र के साथ तलाशते हैं। बात नागौद क्षेत्र के सिंहपुर की है यहां की सुधीर भारत गैस एजेंसी पर स्थानीय प्रशासन ने कार्रवाई की। जांच के दौरान एजेंसी के रजिस्टर और आॅनलाइन पोर्टल में सिर्फ136 सिलेंडरों की डिलीवरी दर्ज थी जबकि कच्ची रसीदों में 240 सिलेंडरों का वितरण सामने आया। रजिस्टर में 562 भरे सिलेंडर दर्ज थे, लेकिन मौके पर केवल 461 सिलेंडर ही मिले। इस तरह 94 सिलेंडरों का हिसाब नहीं मिला। पूछताछ में 63 सिलेंडर की डिलीवरी पोर्टल पर दर्ज बताई गई लेकिन बाकी 31 सिलेंडरों का कोई रिकॉर्ड एजेंसी के पास नहीं मिला। इससे समझिए सतना और मैहर जिला की एलपीजी वितरक आखिर कर क्या रहें हैं।
सिंगल डे में साढ़े छह हजार खपत
पिछले दस दिनों में जहां 6 हजार घरेलू गैस सिलेंडर की खपत दर्ज की गई वहीं सिंगल डे में 6 हजार 4 सौ घरेलू सिलेंडर का वितरण दर्ज किया गया। खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक सिंगल डे में इंडेन के 3 हजार 7 सौ 50, भारत गैस के 9 सौ और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के 1 हजार 7 सौ 50 घरेलू सिलेंडर की खपत दर्ज की गई है जबकि दस दिनों में क्रमश: 3 हजार 7 सौ, सात सौ और 1 हजार 6 सौ की खपत दर्ज की गई है। मतलब साफ है कि 10 दिन पीछे की बात करें तो औसतन एक दिन में 6 सौ 40 सिलेंडर की खपत आ रही थी जबकि एक अकेले दिन में 6 हजार से भी अधिक सिलेंडर की खपत दर्ज की गई।
सुबह 5 बजे से लग गई थी लाइन
बताया जाता है कि कोठी में पिछले 6 दिनों से गैस सिलेंडर की गाड़ी नहीं आ रही है। जिसके चलते सिलेंडर वितरण की व्यवस्था कोठी क्षेत्र में इन दिनों लड़खड़ाई हुई है। जैसे ही लोगों को सिलेंडर की गाड़ी आने की सूचना मिली वैसे ही सुबह से ही लोग एजेंसी के बाहर गैस सिलेंडर के लिए कतार में खड़े हो गए। बताया जा रहा है कि सुबह 8 बजे एजेंसी खुलने का समय है जबकि लोग सुबह 5 बजे से ही गैस सिलेंडर के लिए कतार में खड़े हो गए थे।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मैहर जिले में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगों ने पीएचई के रिटायर्ड कर्मचारी से 22 लाख रुपये ठग लिए। दिल्ली पुलिस, सीबीआई और आरबीआई अधिकारी बनकर जालसाजों ने 15 दिन तक मानसिक दबाव बनाकर वारदात को अंजाम दिया।
सतना के रामपुर बाघेलान क्षेत्र में आधार कार्ड बनवाने निकला युवक संदिग्ध परिस्थितियों में घायल अवस्था में मिला। रीवा ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पुलिस और फोरेंसिक टीम मामले की जांच कर साक्ष्य जुटा रही है।
सतना में वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने भोज मुक्त विश्वविद्यालय और संतोष विहार कॉलोनी से सांपों को सुरक्षित पकड़ा। प्री-मानसून मौसम में बढ़ती वन्यजीव गतिविधियों को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
सतना के नैना-सगमनिया गांव में वन विभाग ने डॉग स्क्वाड की मदद से संदिग्ध के घर से खून से सने हथियार, तराजू और वन्य प्राणी के बाल बरामद किए। वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सतना-मैहर के सौ से अधिक निजी स्कूलों ने चेतावनी और समय-सीमा बढ़ने के बाद भी फीस संबंधी जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की। अब नियमों के तहत इन संस्थानों पर पांच गुना तक अर्थदंड लगाया जा सकता है।
मध्यप्रदेश में सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 'नगर वन योजना' सतत शहरी विकास का मॉडल बन रही है। प्रदेश में 3141 हेक्टेयर क्षेत्र में 94 नगर वन और वाटिकाएं विकसित की गई हैं, जो आधुनिक सुविधाओं और इको-टूरिज्म का केंद्र हैं।
भोपाल के सप्रे संग्रहालय में 'पुरखों को प्रणाम' पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने युवा पीढ़ी से हिन्दी पत्रकारिता के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया और उनकी जीवनी 'पीर पराई जाने रे' का लोकार्पण हुआ।
एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा डेथ केस में आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल भेजा गया। जानें जेल में कैसी कटी उनकी पहली रात और क्या है कैदी नंबर।
सतना शहर में बिजली आपूर्ति बाधित होने से बढ़ीं शिकायतों पर डीई सिटी ने अधिकारियों की बैठक ली। सीएम हेल्पलाइन और 1912 में दर्ज शिकायतों के त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण के निर्देश दिए गए।
सतना जिले में 800 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। संजीवनी क्लीनिक, टीकाकरण और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन बाधित रहा, जबकि कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।