सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर भोपाल के शौर्य स्मारक पर एकता दिवस का कार्यक्रम हुआ। वहीं शौर्य स्मारक से लाल परेड ग्राउंड तक करीब दो हजार युवाओं ने दौड़ लगाकर एकता का संदेश दिया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक से रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर शौर्य स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया ।

भोपाल। स्टार समाचार वेब
सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर भोपाल के शौर्य स्मारक पर एकता दिवस का कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री कृष्णा गौर, विधायक भगवान दास सबनानी और पुलिस विभाग के कई अफसर मौजूद थे। वहीं शौर्य स्मारक से लाल परेड ग्राउंड तक करीब दो हजार युवाओं ने दौड़ लगाकर एकता का संदेश दिया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक से रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर सीएम ने भारत माता और सरदार पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अगर हम सब सरदार पटेल के दिखाए मार्ग पर चलें, तो दुनिया की कोई ताकत भारत की ओर बुरी नजर से नहीं देख पाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत आजादी की ओर बढ़ रहा था, तब कई महान हस्तियों ने अपने-अपने स्तर पर देश के लिए योगदान दिया, लेकिन उनमें सरदार पटेल का योगदान सबसे विलक्षण था। एक साधारण किसान परिवार से निकले पटेल ने अपनी प्रतिभा, समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति से देश की अखंडता को बचाया। सरदार पटेल को बारदोली सत्याग्रह के बाद ‘सरदार’ की उपाधि मिली थी और इसके बाद महात्मा गांधी के हर आंदोलन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई।
सीएम ने कहा-अंग्रेजों की साजिश थी कि भारत को कई हिस्सों में बांट दिया जाए। उन्होंने 562 रियासतों को स्वतंत्र छोड़ने की योजना बनाई थी ताकि भारत हमेशा कमजोर बना रहे। लेकिन सरदार पटेल ने अपनी दूरदृष्टि और राजनीतिक कौशल से इन रियासतों को एक-एक कर भारत संघ में मिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। पटेल ने न केवल तत्कालीन भारत को एक सूत्र में पिरोया, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा जैसी मजबूत प्रणाली की नींव रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता का भी नेतृत्व किया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य समाज के सहयोग से करवाया और राष्ट्र का आत्मसम्मान पुनर्जीवित किया। आज जब राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, यह उसी भावना का प्रतीक है जिसे सरदार पटेल ने जीवित किया था।
आज के भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल के विचारों पर अडिग हैं। पटेल जी ने कहा था कि देश के मसले देश के ही लोग सुलझाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी भी इसी मार्ग पर चल रहे हैं और किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करते। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल की प्रतिमा स्टैच्यू आॅफ यूनिटी प्रधानमंत्री मोदी की ओर से राष्ट्र को समर्पित एक महान प्रेरणा है, जो आने वाली पीढ़ियों को देश की एकता और अखंडता का संदेश देती है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं और कह कि आइए हम सब मिलकर सरदार पटेल को स्मरण करें। उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही भारत की शक्ति और सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।
इधर, इंदौर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि भारत के विभाजन के पीछे जिन्ना और सावरकर थे। 1947 में भारत का विभाजन करवाया था। वहीं भाजपा द्वारा आयोजित रन फॉर यूनिटी को लेकर पूछे गए सवाल पर सिंह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में भाजपा आयोजित रन फॉर यूनिटी करा रही है। हम इस आयोजन का स्वागत करते हैं, लेकिन यह मत भूलिए कि 31 अक्टूबर को शहादत दिवस भी है। वर्ष1984 में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की उनके अंगरक्षकों ने हत्या कर दी थी। सिंह ने यह भी कहा कि देश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की आड़ में नागरिकता के प्रमाण एकत्र किए जा रहे हैं। दोहरी इंजन वाली सरकारों में बीएलओ भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रहे हैं।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
राजस्थान पुलिस को जबलपुर हाईकोर्ट की फटकार। वसुंधरा राजे फर्जी पत्र मामले में गिरफ्तार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पेश करने का निर्देश। जानें क्या है बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का पूरा मामला।
मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर आंचलखेड़ा के पास दरमियानी रात 1:00 बजे टवेरा और अनाज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिड़ंत हो गई। जहां टवेरा में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मध्य प्रदेश विधानसभा का आज विशेष सत्र आयोजित किया गया। सदन में नारी शक्ति वंदन विषय पर चर्चा के बीच जमकर हंगामा हुआ। वहीं कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया। इधर, कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर विधानसभा जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने मंत्रालय के आगे बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया गया।
सतना के बांका गांव में आदिवासी महिलाओं ने 10 हजार सीड बॉल बनाकर औषधीय पौधों के संरक्षण की अनोखी पहल की। इन बीजों को वन क्षेत्रों में डालकर पर्यावरण और जैव विविधता को बढ़ावा दिया जाएगा।
सतना कृषि उपज मंडी में महिला हम्मालों की बढ़ती संख्या और बिना लाइसेंस काम पर सवाल उठे हैं। नियमों के उल्लंघन और लाइसेंस नवीनीकरण में अनियमितता को लेकर पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सतना जिले में रील बनाने के जुनून में युवाओं ने जान जोखिम में डाल दी। तेज रफ्तार कार से स्टंट करते समय बड़ा हादसा टला, पुलिस ने जांच शुरू कर संबंधित युवकों को चिन्हित किया।
सतना जिले के मझगवां में कुपोषण से मासूम की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। जांच में लापरवाही, एनीमिया और सुविधाओं की कमी सामने आई, जिससे जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज हुई।
अयोध्या धाम से मुंबई तक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन 28 अप्रैल से शुरू होगी। सतना सहित कई स्टेशनों पर ठहराव के साथ यह ट्रेन सस्ती और सुविधाजनक यात्रा का नया विकल्प बनेगी यात्रियों के लिए।
सतना जिले में ई-उपार्जन पोर्टल की सर्वर समस्या से किसान जूझ रहे हैं। न स्लॉट बुक हो पा रहे हैं और न उपज चढ़ रही है, जिससे भुगतान और खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
रीवा संभाग में गेहूं खरीदी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान खैरा केंद्र पर व्यवस्थाओं में कमी मिली। कमिश्नर बीएस जामोद ने नाराजगी जताते हुए प्रबंधक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, सुधार के आदेश दिए।