अगर लोगों सब्जी खरीदते समय यह सोचकर रुक जाते हैं कि कहीं इसमें मिलावट या रसायन तो नहीं, ये सेहत को कोई नुकसान तो नहीं पहुंचाएंगी तो यह खबर बहुत काम की है। दरअसल, मिलावटी सब्जी में कई तरह के रसायन होते हैं जो हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं।
By: Arvind Mishra
Feb 09, 20261:02 PM

भोपाल। स्टार समाचार वेब
अगर लोगों सब्जी खरीदते समय यह सोचकर रुक जाते हैं कि कहीं इसमें मिलावट या रसायन तो नहीं, ये सेहत को कोई नुकसान तो नहीं पहुंचाएंगी तो यह खबर बहुत काम की है। दरअसल, मिलावटी सब्जी में कई तरह के रसायन होते हैं जो हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं। अगर आप भी इस चीज से परेशान हैं तो समस्या के समाधान के लिए राजधानी भोपाल के 10 नंबर मार्केट के पास राग भोपाली मैदान में हर शनिवार दोपहर 3 से 8 बजे तक प्राकृतिक खेती का सरकारी बाजार लगता है, जहां से आर्गेनिक सब्जियां खरीद सकते हैं।
ताजी आर्गेनिक सब्जियां-फल
यहां करीब 40 से 50 किसान अपने खेतों से उसी दिन तोड़ी गई सब्जी, फल, शहद और अनाज लेकर सीधे बिक्री के लिए पहुंचते हैं। अभी इस बाजार में खरीदारी के लिए अरेरा कॉलोनी, चार इमली, 10 नंबर मार्केट और आसपास के 6-7 सौ लोग पहुंच पा रहे हैं।
प्रशासन की अच्छी पहल
सब्जी विक्रेताओं को उम्मीद है कि जैसे-जैसे लोगों को जानकारी मिलेगी, दूसरे इलाकों से भी खरीदार बढ़ेंगे। यह पहल जिला प्रशासन, जिला पंचायत और कृषि व उद्यानिकी विभाग के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई है। मकसद साफ है- लोगों की सेहत का ख्याल रखना और किसानों को मेहनत का सही दाम देना।
फंदा-बैरसिया में प्राकृतिक खेती
कृषि विभाग के अनुसार यह बाजार नेशनल मिशन फॉर नेचुरल फॉर्मिंग के तहत शुरू किया गया है। फंदा ब्लॉक और बैरसिया में 10-10 क्लस्टर बनाए गए हैं। हर क्लस्टर में 125 किसान जुड़े हैं।1250 किसान शामिल हैं। किसानों को एक एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती, प्रशिक्षण और गाजियाबाद स्थित नेशनल काउंसिल फॉर आॅर्गेनिक फॉर्मिंग से प्रमाणन के बाद ही बिक्री की अनुमति दी जाती है।
बाजार में प्रमाणित उत्पादक स्टॉल
बाजार में किसान बिना रासायनिक खाद-कीटनाशक उगाई सब्जी, फल, शहद और गुड़ खेत से सुबह तोड़कर दोपहर तक बाजार लाते हैं, इसलिए उपज ताजी रहती है। वहीं, रबी सीजन में प्राकृतिक तरीके से गेहूं, चना और हरी सब्जियों की पैदावार हो रही है। बाजार में किसान उत्पादक समूह से जुड़े किसान और प्रमाणित उत्पादक स्टॉल लगा रहे हैं।