हरियाणा के गुरुग्राम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज यानी शुक्रवार को एनएसजी के मानेसर ट्रेनिंग सेंटर में नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अत्याधुनिक सिस्टम के माध्यम से आतंकवादी घटनाओं और आईईडी विस्फोटों से जुड़े डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण पहले से अधिक तेज और सटीक तरीके से संभव हो सकेगा।
By: Arvind Mishra
Jan 09, 20262:33 PM
गुरुग्राम। स्टार समाचार वेब
हरियाणा के गुरुग्राम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज यानी शुक्रवार को एनएसजी के मानेसर ट्रेनिंग सेंटर में नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अत्याधुनिक सिस्टम के माध्यम से आतंकवादी घटनाओं और आईईडी विस्फोटों से जुड़े डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण पहले से अधिक तेज और सटीक तरीके से संभव हो सकेगा। शाह ने कहा-यह सिस्टम देश की सुरक्षा के लिए डेटा कवच की तरह काम करेगा और जांच एजेंसियों को एक मजबूत तकनीकी प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा। शाह ने बताया कि एनआईईडी के माध्यम से देशभर में बिखरे हुए विभिन्न प्रकार के डेटा को केंद्रीकृत कर एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इससे आतंकवादी घटनाओं की आपसी लिंकिंग का पता लगाना आसान होगा और जांच की गुणवत्ता के साथ-साथ गति भी बढ़ेगी।
वन नेशन, वन डेटा टेरिटरी...
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे वन नेशन, वन डेटा टेरिटरी की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा-अब सही सूचना सही समय पर एजेंसियों को उपलब्ध हो सकेगी, जिससे किसी भी घटना पर त्वरित और बेहतर प्रतिक्रिया मिल सकेगी। एनएसजी देश की जीरो टेरर फोर्स है और हर चुनौती में खरा उतरते हुए देश के नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करती है।
हर खतरे से निपटने में सक्षम एनएसजी
शाह ने कहा- एनएसजी की 24़7 सक्रियता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के कारण भारत हर तरह के आतंकी खतरे का मुकाबला करने में सक्षम है। बम डिस्पोजल और आतंकवाद निरोधक अभियानों में एनएसजी ने दुनिया में अपनी विशेष पहचान बनाई है। गृह मंत्री ने बताया कि एनएसजी के नेटवर्क को तेजी से विस्तार दिया जा रहा है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में एनएसजी के नए सेंटर स्थापित किए गए हैं और अयोध्या में भी सेंटर शुरू किया जा रहा है।
पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद से देश की सुरक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार हुआ है। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित बल और डेटा आधारित जांच प्रणाली ने सुरक्षा तंत्र को नई ताकत दी है। एनआईईडी की शुरुआत इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित जांच और अंतर-एजेंसी समन्वय को नई गति मिलेगी।