मध्यप्रदेश सरकार जहां एक ओर किसानों को राहत देने में जुटी है। वहीं दूसरी ओर बिजली कंपनियों के कर्ताधर्ता अफसर मनमानी बिजली कटौती पर आमादा नजर आ रहे हैं। इससे सरकार की घोषणाओं और किसान हितैषी नीतियां कठघरे में नजर आ रही हैं।

कर्ताधर्ता अफसर मनमानी बिजली कटौती पर आमादा नजर आ रहे हैं।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश सरकार जहां एक ओर किसानों को राहत देने में जुटी है। वहीं दूसरी ओर बिजली कंपनियों के कर्ताधर्ता अफसर मनमानी बिजली कटौती पर आमादा नजर आ रहे हैं। इससे सरकार की घोषणाओं और किसान हितैषी नीतियां कठघरे में नजर आ रही हैं। अभी एक दिन पहले ऊर्जा विभाग की समाधान योजना की शुरुआत करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की थी कि घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि और औद्योगिक श्रेणी (शासकीय कनेक्शन को छोड़कर) उपभोक्ताओं को तीन माह या उससे अधिक के बकाया बिल पर सरचार्ज राशि में छूट दी जाएगी। उपभोक्ता बकाया राशि को एकमुश्त या छह किस्तों में चुका सकते हैं। योजना में सरचार्ज पर छूट एक करोड़ तक दी जा सकती है। वहीं सीएम की उक्त घोषणा के अगले दिन आज बिजली विभाग के एक फरमान ने किसानों की नींद उड़ा दी है। दरअसल, विद्युत कंपनी ने आदेश जारी किया है कि किसी महीने में किसी भी कृषि फीडर पर एक दिन में 10 घंटे से ज्यादा बिजली की सप्लाई नहीं करनी है। ऐसा पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी का वेतन काट दिया जाएगा। ये आदेश मध्य क्षेत्र विद्युत मंडल कंपनी के चीफ जनरल मैनेजर एके जैन ने निकाला है।
उक्त आदेश की कॉपी भोपाल और ग्वालियर के साथ सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, रायसेन, हरदा, विदिशा, अशोकनगर, गुना, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी और दतिया के महाप्रबंधकों को भेजी गई है।
मध्य क्षेत्र विद्युत मंडल कंपनी के आदेश में लिखा है- यदि किसी कृषि फीडर पर निर्धारित 10 घंटे से अधिक बिजली दी जाती है तो इसे नियम के खिलाफ माना जाएगा और संबंधित आॅपरेटर की एक दिन की सैलरी काटी जाएगी। यदि कंट्रोल रूम द्वारा किसी कृषि फीडर पर 2 दिन लगातार 10 घंटे से अधिक बिजली दी जाती है तो संबंधित जूनियर इंजीनियर का एक दिन का वेतन काटा जाएगा। लगातार 5 दिन तक ऐसा होने पर एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की 1 दिन की सैलरी काटी जाएगी। यदि 7 दिन तक प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक आपूर्ति पाई जाती है, तो उपमहाप्रबंधक या महाप्रबंधक का एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
आदेश में लिखा है कि यदि कहीं मिट्टी की नमी, खराब मौसम या तकनीकी कारणों से लोड बढ़ता है तो भी आपूर्ति 10 घंटे से अधिक नहीं की जानी चाहिए। कृषि फीडर मीटरों के समय रीडिंग के आधार पर प्रतिदिन 15 मिनट तक की त्रुटि सीमा निर्धारित की गई है। इससे अधिक बिजली देने पर इसे नियम उल्लंघन माना जाएगा। सभी अधीक्षण अभियंताओं, एक्जीक्यूटिव, असिस्टेंट और जूनियर इंजीनियरों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करना होगा। उल्लंघन की रिपोर्ट हेडक्वार्टर को भेजी जाएगी।


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