मध्यप्रदेश में फर्जीवाड़ा कर भारतीय पासपोर्ट बनवा कर देश में रहने वाले पांच और अफगानियों को एटीएस ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार किया है। सभी को अब जबलपुर लाया गया है। जहां न्यायालय में पेश कर 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर लिया गया।

पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार किया है। सभी को अब जबलपुर लाया गया है।
जबलपुर। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में फर्जीवाड़ा कर भारतीय पासपोर्ट बनवा कर देश में रहने वाले पांच और अफगानियों को एटीएस ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार किया है। सभी को अब जबलपुर लाया गया है। जहां न्यायालय में पेश कर 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर लिया गया। इससे पहले एटीएस फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले तीन अफगानियों और तीन मददगारों की गिरफ्तारी कर चुकी है। गिरफ्तार अफगानियों में जिया उल रहमान, सुल्तान मोहम्मद, रजा खान, सैयद मोहम्मद, जफर खान हैं। ये पांचों कई साल पहले भारत आए और कोलकाता में सूदखोरी का धंधा कर रहे थे। इन्होंने जबलपुर में रहने वाले अफगानी सोहबत खान के माध्यम से अपने फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवाए थे।

वकील का भी था हाथ
एटीएस ने अगस्त 2025 में जबलपुर में सोहबत खान को पकड़ा था। उसके पास से फर्जी भारतीय पासपोर्ट मिला था। उसकी निशानदेही पर कोलकाता निवासी मोहम्मद इकबाल और अकबर को भी गिरफ्तार किया था। सोहबत ने जबलपुर के अधिवक्ता चंदन सिंह, वन रक्षक दिनेश गर्ग और महेश कुमार सुखदान के साथ मिलकर इन तीनों के भी फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवाए थे।
जबलपुर में तैयार कराए फर्जी दस्तावेज
भारत आने के बाद ये अफगानी कोलकाता में ही रह रहे थे। इस दौरान उन्हें सोहबत के बारे में पता चला, जो फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवाता था। उन्होंने उससे संपर्क किया, जिसके बाद सोहबत ने प्रति पासपोर्ट ढाई लाख रुपये लिए और जबलपुर में उनके फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। सोहबत ने 2024 में पांचों को शहर बुलाया और पीओपीएसके में उनकी फोटो खिंचवाई। दस्तावेज की जांच कराने के बाद पांचों को रवाना कर दिया। सोहबत ने ही पासपोर्ट को डाकघर से लिए और फिर पांचों को भेजा।


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