मध्यप्रदेश में शिक्षण सत्र 2025-26 की परीक्षाओं की तैयारियां तेज हो गई हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने वाली है। परीक्षा में जिन शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है, यदि वे ड्यूटी से इंकार करते हैं या अपनी ड्यूटी वाली जगह पर उपस्थिति नहीं होते हैं तो वे कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

मध्यप्रदेश में शिक्षण सत्र 2025-26 की परीक्षाओं की तैयारियां तेज हो गई हैं।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में शिक्षण सत्र 2025-26 की परीक्षाओं की तैयारियां तेज हो गई हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने वाली है। परीक्षा में जिन शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है, यदि वे ड्यूटी से इंकार करते हैं या अपनी ड्यूटी वाली जगह पर उपस्थिति नहीं होते हैं तो वे कार्रवाई के दायरे में आएंगे। वहीं इस बार प्रदेश में 5वीं, 8वीं की परीक्षा की शुरुआत 20 फरवरी से होगी जिनमें सरकारी, प्राइवेट स्कूलों के साथ ही मदरसों के विद्यार्थी भी शामिल होंगे। खास बात यह है कि ये दोनों अहम परीक्षाओं इस बार भी बोर्ड पैटर्न पर होंगी। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक विशेष पहल की गई है। विशेष आईटी पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल से विद्यार्थियों का सत्यापन, परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण, केन्द्राध्यक्षों की मैपिंग, सामग्री वितरण, रोल नंबर एवं प्रवेश पत्र जारी करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही उपस्थिति दर्ज करने, मूल्यांकन कार्य एवं अंकसूची जारी करने की व्यवस्था भी इसी पोर्टल से की जाएगी।
10वीं-12वीं में नहीं चलेगी शिक्षकों की बहानेबाजी
इधर, 1वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगने के बाद इंकार करने या ड्यूटी वाली जगह न पहुंचने पर शिक्षकों से साथ संबंधित कर्मचारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। शिक्षक स्वास्थ्य या अन्य निजी कारणों का हवाला देकर परीक्षा ड्यूटी से नाम कटवाते हैं या मौके पर नहीं पहुंचते। लेकिन इस बार कोई बहाना नहीं चलेगा, बल्कि उन्हें प्रमाण देना पड़ेगा। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई होगी। परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षकों, केंद्राध्यक्षों और सहायक केंद्राध्यक्षों की उपस्थिति शत-प्रतिशत अनिवार्य होगी। संवेदनशील और अति-संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी
मध्य प्रदेश में पहली बार शिक्षण सत्र 2025-26 की कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षा पूरी तरह बोर्ड की तर्ज पर कराई जाएगी। परीक्षा की शुरुआत 20 फरवरी से होगी और 28 फरवरी तक प्रदेशभर में एक साथ परीक्षाएं चलेंगी। इसे लेकर राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बड़ी परीक्षा व्यवस्था के लिए प्रदेश में 12 हजार 920 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 25 लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। शासकीय, निजी स्कूलों के साथ-साथ मदरसों के विद्यार्थी भी इस परीक्षा में शामिल होंगे।
सरकारी-निजी और मदरसा की एक साथ परीक्षा
राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस साल सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के कुल 24 लाख 90 हजार से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा में बैठेंगे। एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से पढ़ने वाले 522 निजी स्कूलों के 20,736 विद्यार्थियों के लिए भाषा विषय का अलग प्रश्न पत्र तैयार किया गया है। बाकी विषयों के प्रश्न पत्र राज्य की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित होंगे।
कोई छात्र परीक्षा से वंचित नहीं रहेगा
परीक्षा को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक खास आईटी पोर्टल तैयार किया है। इसी पोर्टल से छात्रों का सत्यापन, परीक्षा केंद्र तय करना, केंद्राध्यक्षों की नियुक्ति, रोल नंबर और प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। उपस्थिति से लेकर मूल्यांकन और अंकसूची तक की पूरी प्रक्रिया आनलाइन होगी। राज्य शिक्षा केंद्र ने साफ किया है कि हर पात्र विद्यार्थी को परीक्षा देने का मौका मिलेगा। यदि कोई छात्र किसी कारण से परीक्षा से पहले पंजीकरण नहीं करा पाया है, तो भी उसे परीक्षा में बैठने दिया जाएगा। ऐसे छात्रों की जानकारी परीक्षा के बाद दर्ज की जाएगी। इस परीक्षा में प्रदेश की 86 हजार से ज्यादा सरकारी, लगभग 24 हजार निजी शालाओं और 525 मदरसों के विद्यार्थी शामिल होंगे।


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मध्य प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं के करीब 23 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों का रिजल्ट जारी हो गया है। वल्लभ भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने परीक्षा परिणाम घोषित किए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कक्षा 5वीं का कुल परीक्षा परिणाम 95.14 फीसदी और कक्षा 8वीं का 93.83 फीसदी रहा।
मध्यप्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा को नई पहचान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है। राज्य में पहली बार आंगनवाड़ी केंद्रों में शाला पूर्व शिक्षा प्राप्त कर रहे 5 से 6 आयु वर्ष के बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण-पत्र प्रदान कर उन्हें औपचारिक स्कूली शिक्षा की ओर अग्रसर किया जाएगा।
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जारी शेड्यूल के अनुसार, प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत मार्च के तीसरे सप्ताह में विज्ञापन जारी होने के साथ होगी। इसके बाद 20 मार्च को सुबह 10 बजे से आनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
केंद्रीय विद्यालयों में अपने बच्चों को एडमिशन दिलवाने की सोच रहे अभिभावक अलर्ट हो जाएं। दरअसल, केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से आफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी है कि 2026-27 सत्र के लिए प्रवेश संबंधी अधिसूचना जल्द ही जारी होने की उम्मीद है।
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मध्यप्रदेश में 10वीं-12वीं की मुख्य परीक्षा का परिणाम अप्रैल के अंतिम सप्ताह में जारी होने का दावा किया जा रहा है। गौरतलब है कि इस वर्ष बोर्ड की मुख्य परीक्षाएं फरवरी में शुरू होकर 7 मार्च को समाप्त हो गई थीं। परीक्षा जल्दी समाप्त होने के कारण पहले से ही उम्मीद जताई जा रही थी कि परिणाम अप्रैल के अंतिम सप्ताह में घोषित हो सकता है।