भारतीय रेलवे मुसाफिरों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के कवायद में जुटा हुआ है। ताकि लोग अधिक से अधिक ट्रेन से ही सफर करें। दरअसल, रेलवे ने गर्मियों में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्लीपर और थ्री-टियर एसी कोच में बर्थ उपयोग के नियम को सख्ती से लागू कराने के निर्देश जारी किए हैं।


भोपाल। स्टार समाचार वेब
भारतीय रेलवे मुसाफिरों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के कवायद में जुटा हुआ है। ताकि लोग अधिक से अधिक ट्रेन से ही सफर करें। दरअसल, रेलवे ने गर्मियों में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्लीपर और थ्री-टियर एसी कोच में बर्थ उपयोग के नियम को सख्ती से लागू कराने के निर्देश जारी किए हैं। रेलवे बोर्ड के वर्ष 2017 के कमर्शियल सर्कुलर नंबर 60 के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही मिडिल बर्थ खोलकर सोने की अनुमति है। सुबह 6 बजे के बाद हर हाल में मिडिल बर्थ नीचे करना अनिवार्य होगा, ताकि नीचे बैठे यात्रियों को बैठने में परेशानी न हो।
मिडिल बर्थ को लेकर विवाद आम
रेल अफसरों के मुताबिक दिन में मिडिल बर्थ खुली रहने से अक्सर विवाद की स्थिति बनती है। इसलिए समर सीजन में टीटीई और ट्रेन स्टाफ को इस मामले में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
सुबह छह बजे उठना अनिवार्य
नियम के अनुसार साइड लोअर बर्थ पर दिन में दोनों यात्री बैठकर यात्रा कर सकते हैं, जबकि साइड अपर बर्थ पर आरक्षित यात्री भी रात 10 से सुबह 6 बजे तक ही सो सकेगा। हालांकि, यह बर्थ नीचे की ओर नहीं खुलती है यानी फिक्स रहती है। बावजूद इसके साइड अपर बर्थ को लेकर भी नियम मिडिल बर्थ की तरह ही शक्ति से पालन कराया जाएगा।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
रीवा में नीट यूजी परीक्षा के दौरान सख्ती इतनी रही कि छात्राओं को फुलिया उतरवाने के लिए सुनार बुलाना पड़ा। जूते, गहने और कई वस्तुएं बाहर रखवाकर ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया।
विंध्य विकास प्राधिकरण में नियुक्तियों के बाद भाजपा में खुशी के साथ असंतोष भी दिखा। समर्पित कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित मान रहे हैं, जबकि बिना कार्यालय और बजट के विकास कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं।
रीवा में तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी, हादसे में महिला की मौत और पति घायल हुआ। आक्रोशित परिजनों ने सड़क जाम किया, प्रशासन ने मुआवजा और सहायता का आश्वासन दिया।
सीधी जिले में एनएच-39 पर युवक को वाहन ने टक्कर मारकर फिर कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने हत्या जैसे आरोप लगाए हैं, जबकि चालक बिना लाइसेंस बताया जा रहा, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सतना जिले में नरवाई जलाने के मामलों पर सैटेलाइट मॉनिटरिंग से कार्रवाई हुई। आठ किसानों को नोटिस और छह को कोर्ट में पेशी के निर्देश दिए गए, फिर भी प्रशासनिक सख्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
सतना जिले में मातृ मृत्यु के मामले बढ़कर 37 पहुंचे, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरियों को दर्शाते हैं। एनीमिया, हाई बीपी और समय पर इलाज न मिलने से अधिकतर मौतें हुईं, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बनी।
सतना जिले में ट्रेन और सड़क हादसों में तेंदुओं की मौत से वन्यजीव सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। मैहर में तेंदुए की मौजूदगी से दहशत, जबकि अवैध शिकार मामले में चार आरोपी गिरफ्तार किए गए।
जौनपुर जंक्शन पर यार्ड रिमॉडलिंग के चलते 4 से 27 मई तक 13 ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं। गोंदिया-बरौनी और ताप्ती गंगा एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी, यात्रियों को परेशानी होगी।
सतना जिला अस्पताल के पीएनसी वार्ड में पुरुषों की भीड़ से प्रसूताओं की निजता और सुरक्षा खतरे में है। अव्यवस्था, गेट पास बंद और अटेंडरों की अनियंत्रित संख्या से संक्रमण और विवाद की आशंका बढ़ी।
मध्यप्रदेश में कक्षा 1 से 8 तक नामांकन 87.2 प्रतिशत रहा, लक्ष्य से 12.8 प्रतिशत कम। नर्मदापुरम पहले, रीवा दूसरे स्थान पर रहा, जबकि इंदौर संभाग का प्रदर्शन सबसे कमजोर पाया गया।