गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को 242 यात्रियों से भरा एअर इंडिया का विमान एआई-171 अचानक क्रैश हो गया। गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही दूर जाकर विमान मेडिकल अस्पताल की बिल्डिंग से जा टकराया। इस हादसे को कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन प्लेन क्रैश की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है।
By: Arvind Mishra
Jan 22, 20269:52 AM

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को 242 यात्रियों से भरा एअर इंडिया का विमान एआई-171 अचानक क्रैश हो गया। गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही दूर जाकर विमान मेडिकल अस्पताल की बिल्डिंग से जा टकराया। इस हादसे को कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन प्लेन क्रैश की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है। इधर, अमेरिका के एविएशन सेफ्टी कैंपन ग्रुप का दावा है कि एयर इंडिया के बोइंग 787 एयरक्राफ्ट में तकनीकी खराबियां थीं। अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के पहले ही विमान को कई बार तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा था।
अमेरिकी संसद में पेश की रिपोर्ट
फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी ने 12 जनवरी 2026 को अमेरिकी संसद में एक रिपोर्ट जमा की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एफएएस ने अपनी जांच में पाया कि एअर इंडिया का हिस्सा बनने के बाद से ही विमान में तकनीकी खराबियां आने लगी थीं। विमान में इंजीनियरिंग, गुणवत्ता और रखरखाव में काफी कमियां आ रहीं थीं। प्लेन में इलेक्ट्रॉनिक, सॉफ्टवेयर, सर्किट ब्रेकरों का बार-बार ट्रिप होना, खराब वायरिंग, शॉर्ट सर्किट, बिजली की आपूर्ति में कमी और पावर सिस्टम गर्म होने जैसी कई समस्याएं रिपोर्ट की जा चुकी थीं।
रिपोर्ट पर बोइंग ने तोड़ी चुप्पी
एफएएस के दावों पर बोइंग ने भी प्रतिक्रिया दी है। बोइंग के प्रवक्ता ने कहा-हम संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के प्रोटोकॉल का पालन करते हैं। भारत में हुई विमान दुर्घटना में एएआईबी का जो भी फैसला होगा, हम उसका पालन करेंगे। वहीं, एयर इंडिया ने इस पर चुप्पी साध रखी है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में फ्यूल स्विच बंद होने के कारण प्लेन क्रैश के संकेत दिए थे। इसकी तुलना बोइंग 737 मैक्स दुर्घटना से की गई थी।
प्लेन क्रैश पर एफएएस का दावा
एफएएस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि बोइंग 787 अपने शेड्यूल से 3 साल पीछे चल रहा है। इसका बजट अरबों डॉलर पहुंच गया है। बोइंग 787 के 2000 से ज्यादा विमानों में सिस्टम फेलियर हो चुका है। बोइंग 787 साल 2011 में बनकर तैयार हुआ और दिसंबर 2013 में इसने अपनी पहली उड़ान भरी थी। 28 जनवरी 2014 को इसे एअर इंडिया को सौंप दिया गया था। वहीं, इस विमान ने 8 फरवरी 2014 को अपनी पहली कमर्शियल उड़ान भरी थी।