स्टैच्यू ऑफयूनिटी बनाकर इतिहास रचने वाले मशहूर मूर्तिकार पद्मश्री राम सुतार का निधन हो गया। उम्र से जुड़ी बीमारियों से लड़ते हुए राम सुतार ने अपने घर पर अंतिम सांस ली। मूर्तिकार पद्मश्री राम सुतार ने अपने जीवन के 100 साल पूरे कर लिए थे।
By: Arvind Mishra
Dec 18, 202511:39 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
स्टैच्यू ऑफयूनिटी बनाकर इतिहास रचने वाले मशहूर मूर्तिकार पद्मश्री राम सुतार का निधन हो गया। उम्र से जुड़ी बीमारियों से लड़ते हुए राम सुतार ने अपने घर पर अंतिम सांस ली। मूर्तिकार पद्मश्री राम सुतार ने अपने जीवन के 100 साल पूरे कर लिए थे। बताया जाता है कि वे जिस पत्थर को छू लेते थे, वो अद्भुत कलाकृति में तब्दील हो जाता था। राम सुतार के निधन की पुष्टि उनके बेटे अनिल सुतार ने की। उन्होंने बताया कि मेरे पिता ने बुधवार देर रात अपने घर पर अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार आज यानी गुरुवार को किया जाएगा।
सबसे ऊंची प्रतिमा का रिकॉर्ड
राम सुतार के नाम दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा का निर्माण करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने गुजराज में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनई थी। राम सुतार ने कई ऐसी कलाओं को जन्म दिया, जो सदियों तक याद की जाएंगी। संसद परिसर में ध्यानमग्न मुद्रा में महात्मा गांधी की प्रतिमा, घोड़े पर सवार छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा शामिल है।
पद्मश्री से सम्मानित राम सुतार
प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार को उनकी कला के लिए सन 1999 में पद्म श्री और 2016 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। हाल ही में उन्हें महाराष्ट्र के सर्वोच्च पुरस्कार महाराष्ट्र भूषण से भी नवाजा गया था।
महाराष्ट्र से सुतार का गहरा नाता

साल 1925 में राम सुतार का जन्म महाराष्ट्र के गोंदूर गांव में हुआ था, जो अब धुले जिले में आता है। वे बचपन से ही कला से प्रेम करते थे। मुंबई के जेजे स्कूल ऑफ आर्ट एंड आर्किटेक्चर से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की थी और गोल्ड मेडल हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने भारतीय मूर्तिकला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।