जगदीप धनखड़ ने पिछले दिनों देश के उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया। धनखड़ के इस फैसले ने देश की राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया। पूर्व उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद सियासी पारा हाई है। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है।

जगदीप धनखड़ ने पिछले दिनों देश के उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया। धनखड़ के इस फैसले ने देश की राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया। पूर्व उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद सियासी पारा हाई है। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के तीन दिन दिन बाद उनके सचिवालय को बंद कर दिया है। इसके अलावा उनके साथ काम करने वाले कई अधिकारियों को उनके मूल कैडर भी भेज दिया गया है। हालांकि, अधिकारियों द्वारा स्पष्ट किया है कि उपराष्ट्रपति भवन के किसी भी कमरे को सील नहीं किया गया है। धनखड़ का अचानक इस्तीफा देना जितना चौंकाने वाला था, उतना ही कई राजनीतिक संकेतों से जुड़ा हुआ भी दिखा। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपना पद छोड़ा, लेकिन जिस तेजी से इस्तीफे के बाद सचिवालय खाली कराया गया और अधिकारी हटाए गए, उससे यह स्पष्ट हुआ कि यह कदम कई दिनों से तैयारी में था। यह सिर्फ स्वास्थ्य का मामला नहीं, बल्कि सत्ता के गलियारों में गहराती खींचतान का परिणाम भी प्रतीत होता है। नवनिर्मित उपराष्ट्रपति एन्क्लेव जहां कभी सत्ता का दूसरा सबसे बड़ा पद सुशोभित था, अब सन्नाटा ओढ़े हुए है। अधिकतर अफसरों को उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया। चाबियां सौंप दी गईं और एन्क्लेव को एक प्रतीकात्मक विराम दे दिया गया।
धनखड़ के इस्तीफे के बाद न तो सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष ने कोई विशेष सहानुभूति दिखाई। मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार जैसे विपक्षी नेता उनसे मिलना चाहते थे, लेकिन उन्होंने किसी को समय नहीं दिया. विपक्ष के साथ उनके संबंध पहले ही विवादों से भरे थे। राहुल गांधी ने तो उनकी भूमिका को पक्षपातपूर्ण करार दिया था, जिससे वे हमेशा एक टकराव की स्थिति में रहे।
धनखड़ ने अपने पत्र में स्वास्थ्य देखभाल को इस्तीफे का कारण बताया, लेकिन अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक उनके पास कोई विकल्प नहीं था। सत्ता के केंद्र में बने रहने के लिए सत्ता के साथ तालमेल जरूरी होता है, और धनखड़ इस संतुलन को खो चुके थे। सरकार के भीतर की नीतिगत असहमतियां उनके विरुद्ध लामबंदी में बदल गईं।

उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ के पास एक ट्रांस कंपनी का हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण क्रैश हो गया। चॉपर में 6 यात्री सवार थे। राहत और बचाव कार्य जारी है। पढ़िए पूरी खबर।
दिल्ली में वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर से नए ट्रैफिक नियम लागू हो रहे हैं। बाहर से आने वाले वाहनों, डीजल बसों और बिना PUCC गाड़ियों पर प्रतिबंध रहेगा। जानें नियम और राहत की पूरी जानकारी।
बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में शामिल और दिग्गज उद्योगपति रविंद्र किशोर सिन्हा (RK Sinha) का दिल्ली में निधन हो गया है। प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के करीबी रहे आरके सिन्हा लंबे समय से अस्वस्थ थे।
सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में मोकामा विधायक अनंत सिंह की जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। पढ़ें पूरी खबर और अनंत सिंह की प्रतिक्रिया।
गुजरात के बनासकांठा पहुंचे पीमए नरेंद्र मोदी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जोरदार तंज कसा। उन्होंने कहा कि बनासकांठा में आकर कोई भी यह नहीं कह सकता कि वह आलू से सोना बनाएगा, क्योंकि यहां के मेहनती किसान अपने कृषि कौशल से पहले ही आलू से सोना बना रहे हैं।
चक्रवाती तूफान अर्नब हालांकि कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है, लेकिन इसका असर अभी भी देश के कई हिस्सों में पूरी तरह से बरकरार है। मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और बिहार समेत 14 राज्यों में झमाझम बारिश और ठंडी हवाओं का दौर जारी है।
भूटान के गासा जिले में स्थित शिंताफू ग्लेशियर झील (तशो) के अचानक फटने से भारी तबाही हुई है। बीती देर रात वाकिला पर्वत के नीचे स्थित इस खतरनाक ग्लेशियर झील से पानी का भीषण रिसाव शुरू हुआ, जिसके बाद बाढ़ का पानी तेजी से निचले इलाकों में फैल गया।
दिल्ली-NCR में पटाखों पर नियंत्रण लागू करने में नाकाम रहने पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार और CAQM को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि निर्देश सिर्फ किताबी बनकर रह गए हैं।
प्रयागराज के बरईपुर गांव में राकेश यादव के घर जमीन के नीचे नीले ड्रमों में छिपाकर रखे गए 5 करोड़ रुपए कैश बरामद। पुलिस ने बिजली काटकर 4.5 घंटे तक चलाया सर्च अभियान।
चुनाव आयोग के खिलाफ 1 नवंबर को रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की बड़ी रैली। CJP नेता आशुतोष रांका ने समर्थन का ऐलान किया, राहुल गांधी ने छात्रों से की 'दिल्ली चलो' की अपील।

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