मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भरण-पोषण विवाद में अहम फैसला सुनाते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया। पति द्वारा पेश इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और सीडी की जांच के दिए निर्देश। जानिए पूरी खबर।

दिल्ली के रहने वाले एक युवक और छतरपुर की युवती के बीच चल रहे matrimonial dispute में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया है, जिसमें पत्नी को हर महीने 6,000 रुपये भरण-पोषण (Maintenance) देने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पति की ओर से पेश किए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, सीडी और उनके ट्रांसक्रिप्ट की सत्यता की गहराई से जांच किए बिना फैसला नहीं लिया जा सकता।
नई दिल्ली निवासी मुकेश (बदला हुआ नाम) ने छतरपुर की रहने वाली अपनी पत्नी अनामिका (बदला हुआ नाम) के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। मामले के अनुसार, छतरपुर फैमिली कोर्ट ने 24 जनवरी 2018 को आदेश दिया था कि पति अपनी पत्नी को हर महीने 6,000 रुपये भरण-पोषण के रूप में देगा।
पति ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उसका मुख्य तर्क था कि पत्नी के कई अन्य पुरुषों के साथ अवैध संबंध (Adultery) हैं। इस आरोप को साबित करने के लिए पति ने फैमिली कोर्ट में सीडी, ट्रांसक्रिप्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत पेश किए थे, लेकिन फैमिली कोर्ट ने इन साक्ष्यों पर बिना किसी गंभीर विचार के भरण-पोषण का आदेश पारित कर दिया था। हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी अधिवक्ता परमानंद साहू ने की।
सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस डीडी बंसल की कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को पूरी तरह निरस्त कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सीआरपीसी की धारा 125(4) का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि व्यभिचार (Adultery) कानूनी रूप से भरण-पोषण के अधिकार से इनकार करने का एक स्पष्ट आधार हो सकता है। हाईकोर्ट ने पाया कि फैमिली कोर्ट ने शुरुआत में सीडी को सेकेंडरी एविडेंस के रूप में स्वीकार किया था, लेकिन बाद में बिना किसी ठोस कानूनी आधार के उसे एग्जिबिट (Exhibit) के रूप में लेने से रोक दिया था। अदालत ने यह भी माना कि पति द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों की सत्यता, प्रासंगिकता और स्वीकार्यता की उचित जांच होना अनिवार्य है। साथ ही, पत्नी को भी इन साक्ष्यों का खंडन करने और अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए था।
हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले को नए सिरे से विचार के लिए वापस छतरपुर फैमिली कोर्ट भेज दिया है। फैमिली कोर्ट को निर्देश दिए गए हैं कि वह सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न न्याय दृष्टांतों (Judicial Precedents) के आधार पर सीडी, ट्रांसक्रिप्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का पुनरीक्षण करे। अदालत दोनों पक्षों को सुनकर नए सिरे से भरण-पोषण के संबंध में आदेश पारित करेगी। इस मामले में दोनों पक्षों को 16 सितंबर 2026 को छतरपुर फैमिली कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में एक स्पष्ट अंतरिम व्यवस्था भी तय की है। अदालत ने कहा है कि जब तक छतरपुर फैमिली कोर्ट इस मामले में नए सिरे से कोई अंतिम निर्णय नहीं ले लेता, तब तक पति मुकेश को अपनी पत्नी अनामिका को हर महीने 6,000 रुपये की राशि भरण-पोषण के रूप में देना जारी रखना होगा।

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खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये पंजीयन प्रक्रिया जारी है। अभी तक 3 लाख 5 हजार 82 किसानों ने पंजीयन कराया है। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आह्वान किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो।
मध्यप्रदेश के कृषि विभाग के कर्मचारियों के पदोन्नति समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि पदोन्नति का काम टाला नहीं जा सकता और हर साल समय पर डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) की बैठक होनी चाहिए।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरोद में नवीन हायर सेकंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी ही साइंस टीचर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए स्कूल परिसर के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया और सड़क पर धरने पर बैठ गए।
जिस कानून की नींव समाज के वंचित वर्गों को न्याय और गरिमा दिलाने के लिए रखी गई थी, उसी की आड़ लेकर कुछ असामाजिक तत्वों ने इसे ब्लैकमेलिंग और उगाही का जरिया बना लिया है। निर्दोष आम नागरिकों, छोटे-बड़े व्यापारियों और सीधे-सादे लोगों को फर्जी मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं।
सीएम यूथ कान्क्लेव-2026 का आयोजन छह अक्टूबर को राजधानी लाल परेड मैदान में किया जाएगा। कान्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 हजार से अधिक युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है। युवा शक्ति के इस महोत्सव में संवाद और मार्गदर्शन के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भोपाल में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के उल्लंघन और कलियासोत डैम के पास अवैध कचरा डंपिंग पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 4 सप्ताह में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत आउटसोर्स व्यावसायिक शिक्षकों को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा आदेश जारी किया है। नई कंपनियों के आने के बावजूद पुराने 6 हजार शिक्षक सेवा में बने रहेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भोपाल में हैं। उन्होंने भेल दशहरा मैदान में नए आपराधिक कानूनों पर लगी मध्य प्रदेश पुलिस की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। शाह 11 जिलों के करीब 35 हजार गौपालकों के सम्मेलन में गौशालाओं को 101 करोड़ रुपए दिए। उज्जैन में बन रहे 255 करोड़ के डेयरी प्लांट का वर्चुअली भूमिपूजन किया।
मध्य प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय उपचुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। आगर-मालवा जिले की सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष सीट पर भाजपा के उम्मीदवार प्रदीप सोनी ने जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के विष्णु पाटीदार को 960 मतों से पराजित किया।
मध्यप्रदेश के मैहर जिले में आज तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में दमोह के दो लोगों की मौत हो गई। ग्राम पोड़ी के पास सुबह करीब चार बजे गया जी से लौट रही कार हादसे का शिकार हो गई। हादसे में कार सवार डॉक्टर संजय गंगेले और उनके भाई प्राचार्य सुधीर गंगेले की मौत हो गई।