मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर दौरे के दौरान नए एयरपोर्ट टर्मिनल-1, नर्मदा प्रोजेक्ट के चौथे चरण और सिंहासा आईटी पार्क में स्टार्टअप लॉन्चपैड का उद्घाटन किया। जानें इंदौर की इन बड़ी परियोजनाओं के बारे में।
By: Ajay Tiwari
Mar 29, 20261:11 PM
इंदौर। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक उपलब्धियों भरा रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने निर्धारित दौरे पर इंदौर पहुंचे, जहाँ उन्होंने शहर की हवाई कनेक्टिविटी, जल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी नवाचार से जुड़ी कई बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री का आगमन सुबह 11 बजे देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर हुआ। यहाँ उन्होंने सबसे पहले नवनिर्मित टर्मिनल-1 का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजय वर्गीय, तुलसी सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव मौजूद रहे। नया टर्मिनल न केवल यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने में सक्षम होगा, बल्कि इंदौर को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से भी लैस करेगा। यह टर्मिनल शहर की व्यावसायिक और पर्यटन कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
विमानतल के बाद मुख्यमंत्री दशहरा मैदान पहुंचे, जहाँ उन्होंने नर्मदा परियोजना के चौथे चरण का औपचारिक शुभारंभ किया। इंदौर की तेजी से बढ़ती आबादी के कारण पानी की मांग में लगातार इजाफा हो रहा था। इस चरण के शुरू होने से शहर के बाहरी क्षेत्रों और नई कॉलोनियों में शुद्ध पेयजल की किल्लत दूर होगी। यह परियोजना इंदौर की भविष्य की जल सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

स्वच्छता में नंबर वन इंदौर की साख को और मजबूत करते हुए सीएम ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सौगातें भी दीं
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP):
20 एमएलडी क्षमता वाले अत्याधुनिक सीवेज प्लांट का लोकार्पण किया गया, जो शहर के अपशिष्ट जल प्रबंधन को और प्रभावी बनाएगा।
सिरपुर तालाब संरक्षण:
ऐतिहासिक और रामसर साइट का दर्जा प्राप्त सिरपुर तालाब के संरक्षण कार्यों का अवलोकन और लोकार्पण किया गया, जिससे शहर की प्राकृतिक जैव विविधता सुरक्षित रहेगी।
युवाओं और नवाचार को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने सिंहासा आईटी पार्क का रुख किया। यहाँ उन्होंने 'इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर' (लॉन्चपैड) का उद्घाटन किया। यह सेंटर इंदौर के उभरते स्टार्टअप्स को एक छत के नीचे विश्वस्तरीय सुविधाएं, मेंटरशिप और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इंदौर को केवल स्वच्छता ही नहीं, बल्कि 'आईटी हब' के रूप में भी वैश्विक पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।