जम्मू में फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर सुरक्षा का भरोसा दिया। NSG ने हमलावर कमल सिंह को पकड़ा। संसद में खरगे और नड्डा के बीच तीखी बहस। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

हमले के बाद मीडिया से बात करते फारूख अब्दुल्ला और आरोपी कमल सिंह
जम्मू-कश्मीर। स्टार समाचार वेब
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर गुरुवार को हुए हमले ने देश की सुरक्षा व्यवस्था और सियासत में हलचल पैदा कर दी है। एक शादी समारोह के दौरान हुई इस फायरिंग के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद फारूक अब्दुल्ला को फोन कर उनका कुशलक्षेम पूछा और मामले की उच्च स्तरीय जांच का भरोसा दिलाया।
घटना के बारे में जानकारी देते हुए फारूक अब्दुल्ला ने बताया कि जब वह जम्मू के एक मैरिज गार्डन से बाहर निकल रहे थे, तभी उन्होंने पटाखे जैसी आवाज सुनी। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति को भांप लिया और उन्हें सुरक्षित कार के अंदर पहुंचाया। अब्दुल्ला ने कहा, "अल्लाह का करम है कि मेरी जान बच गई। मैं उस हमलावर को नहीं जानता, लेकिन नफरत के माहौल में ऐसी घटनाएं दुखद हैं।"
हमले के दौरान सुरक्षा में तैनात नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) और स्थानीय पुलिस के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। जैसे ही आरोपी कमल सिंह ने लोडेड पिस्टल से फायरिंग की, जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे दबोच लिया। आरोपी जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का रहने वाला है। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर पिस्टल बरामद कर ली है और आरोपी से पूछताछ जारी है।
डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी सहित कई नेताओं ने इस घटना को सुरक्षा में बड़ी सेंध बताया है। सवाल यह उठ रहा है कि एक हाई-प्रोफाइल शादी समारोह में, जहाँ कई दिग्गज हस्तियां मौजूद थीं, वहाँ एक सशस्त्र हमलावर सुरक्षा घेरा तोड़कर वीवीआईपी के इतने करीब कैसे पहुँच गया? फिलहाल, अधिकारी सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा कर रहे हैं।

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