मध्य प्रदेश में मौसम का हाल
आंधी और गरज-चमक का अलर्ट
भोपाल। स्टार समाचार वेब
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों के लिए मौसम का ताजा अपडेट जारी किया है। मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। कहीं तेज हवाओं के साथ आंधी का अलर्ट है, तो कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मध्य प्रदेश के निवासियों को आगामी 18 से 22 जून के बीच सतर्क रहने की आवश्यकता है। IMD के अनुसार, 18 और 19 जून को इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है। कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में हवाओं की गति 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अतिरिक्त, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में 22 जून तक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
तापमान के मोर्चे पर, मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 20 जून तक मध्य भारत में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद स्थिति स्थिर रहने की उम्मीद है।
देश के अन्य राज्यों में मानसून और बारिश की स्थिति
देश के अन्य हिस्सों में मानसून की सक्रियता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने 19 जून के लिए 17 राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में 60 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इसके साथ ही, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में 24 जून तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए नागरिकों और किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है:
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किसानों के लिए: कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें ताकि उन्हें नुकसान से बचाया जा सके।
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सामान्य सुरक्षा: आंधी और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।
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सतर्कता: बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए पक्के मकानों के भीतर रहना सुरक्षित है।
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नमी (Moisture): वातावरण में अत्यधिक नमी की उपस्थिति, जो बादलों के निर्माण के लिए ईंधन का काम करती है।
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अस्थिरता (Instability): जब पृथ्वी की सतह गर्म होती है, तो उसके संपर्क में आने वाली हवा भी गर्म होकर तेजी से ऊपर उठती है। यदि ऊपर की हवा ठंडी हो, तो यह गर्म हवा तेजी से ऊपर की ओर बढ़ती है (इसे 'अपड्राफ्ट' कहते हैं)।
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उठाव (Lift): किसी बाहरी कारक (जैसे पहाड़, चक्रवात या हवाओं का टकराना) द्वारा हवा को ऊपर की ओर धकेला जाना।
यह प्रक्रिया कैसे काम करती है?
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बादल का निर्माण (Cumulonimbus Clouds): गर्म और नम हवा ऊपर उठकर ठंडी होती है, जिससे संघनन (condensation) होता है और विशाल 'क्युमुलोनिम्बस' बादल बनते हैं। यही बादल आंधी और बारिश का कारण बनते हैं।
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बिजली का चमकना: बादलों के भीतर बर्फ के छोटे कणों और ओलों की आपसी घर्षण के कारण स्थिर विद्युत (static electricity) पैदा होती है। बादलों के भीतर धनात्मक (positive) और ऋणात्मक (negative) आवेशों के बीच असंतुलन होता है, जो डिस्चार्ज होकर बिजली (lightning) के रूप में चमकता है।
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तेज हवाएं और आंधी: जब बादल से भारी बारिश होती है, तो यह अपने साथ ठंडी हवाओं को भी तेजी से जमीन की तरफ खींचती है, जिसे 'डाउनड्राफ्ट' कहा जाता है। यही डाउनड्राफ्ट जमीन पर पहुंचने पर तेज आंधी (Squall) के रूप में महसूस होती है।























