मारकुंडी स्टेशन पर घंटों देरी से नाराज यात्रियों ने ट्रैक पर उतरकर लाल तौलिया दिखाते हुए एक्सप्रेस ट्रेन रोक दी। मानिकपुर ब्लॉक और लेट ट्रेनों से बढ़ी परेशानी, रेलवे प्रशासन में मचा हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल।
By: Yogesh Patel
Mar 18, 20263:23 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
मुंबई-हावडा रेलखंड में नॉन स्टॉप जनता एक्सप्रेस के पहिए ट्रैक पर खड़े यात्रियों ने लाल तौलिया दिखाकर रोक दिया। स्पेशल ट्रेन और लेट होते देख यात्रियों का गुस्सा हाई था। स्पेशल ट्रेन पहले सतना स्टेशन में एक घंटे तक खड़ी रही और फिर मारकुंडी स्टेशन में दो घंटे तक। मानिकपुर में चल रहे ब्लाक के चलते गाड़ी एक घंटे और खड़ी रखनी थी लेकिन परेशान हो रहे यात्रियों का गुस्सा आसमान छू गया। बताया जाता है कि मंगलवार को डाउन गाड़ी संख्या 09025 वलसाड़- दानापुर एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 7 घंटे विलम्ब से चलते हुए सुबह 9.25 बजे सतना स्टेशन पहुंची। बताया गया कि मानिकपुर स्टेशन की तरफ पटरियों के मेंटीनेंस से संबंधित ब्लाक का काम चल रहा था। जिसकी वजह से डाउन की गाड़ियों को रोक-रोक कर चलाया जा रहा था। सतना स्टेशन में वलसाड़-दानापुर एक्सप्रेस लगभग एक घंटे तक खड़ी रही। इसके बाद टेÑन तो आगे बढ़ी लेकिन मारकुंडी स्टेशन में गाड़ी के पहिए दो घंटे तक थमे रहे।
कंट्रोल से मिली सूचना दौड़ी आरपीएफ
गाड़ी को आगे न बढ़ते देख यात्री स्टेशन प्रबंधक के पास पहुंचे और अपनी परेशानियों को बताते हुए हंगामा करने लगे। स्टेशन प्रबंधक ने इसकी जानकारी कंट्रोल को दी। कंट्रोल से सूचना आरपीएफ को मिली और आरपीएफ को रवाना किया। हालांकि जब तक आरपीएफ पहुंची तब तक टेÑन मारकुंडी स्टेशन से रवाना हो चुकी थी।
रोकी जनता, दौड़ी स्पेशल
बताया गया कि ब्लाक का काम एक घंटे और चलने वाला था लेकिन ब्लाक में डाउन गाड़ी संख्या 13202 जनता एक्सप्रेस को मारकुंडी स्टेशन से सरपट निकलना था। यात्रियों को जैसे ही जानकारी लगी कि उनकी ट्रेन अभी और खड़ी रहेगी और जनता एक्सप्रेस सरपट निकल जाएगी तो वे ट्रैक पर आ खड़े हो गए और लाल कपड़ा दिखाकर जनता एक्सप्रेस को रोक दिया। हंगामे के चलते रेलवे प्रशासन को बलसाड़- दानापुर स्पेशल ट्रेन को रवाना करना पड़ा। वहीं इस घटना क्रम के पहले सफर करने वाले यात्री सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ के माध्यम से रेल मंत्री व रेल प्रशासन से गाड़ी के देरी से संचालन की वजह से झेल रही परेशानी व समय पर चलवाने की मांग करते रहे।