मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय नववर्ष (विक्रम संवत 2083) और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर इंदौर के इस्कॉन मंदिर से 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तीसरे चरण का भव्य शुभारंभ किया।
By: Ajay Tiwari
Mar 19, 20267:17 PM
इंदौर। स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय नववर्ष (विक्रम संवत 2083) और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर इंदौर के इस्कॉन मंदिर से 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तीसरे चरण का शुभारंभ किया। "जल ही जीवन है" के मूल मंत्र को साकार करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जल की एक-एक बूंद सहेजने की शपथ दिलाई। यह अभियान गुड़ी पड़वा से शुरू होकर गंगा दशहरा तक कुल 139 दिनों तक चलेगा, जिसका उद्देश्य प्रदेश के नदी, तालाब, कुएँ और बावड़ियों जैसे प्राचीन जल स्रोतों का जीर्णोद्धार कर जल स्तर को बढ़ाना है।

22 करोड़ के विकास कार्यो की इंदौर को सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर इंदौर को 22 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। अमृत 2.0 परियोजना के तहत उन्होंने बिलावली, लिम्बोदी और छोटा सिरपुर तालाबों के पुनरुद्धार कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभियान का बजट 2500 करोड़ रुपये रखा गया है, जिससे सभी विधानसभा क्षेत्रों, नगरीय निकायों और पंचायतों में जल संचयन की गतिविधियां संचालित की जाएंगी। डॉ. यादव ने नदियों को शरीर की धमनियों के समान बताते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य और अहिल्या बाई होल्कर द्वारा निर्मित जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है।
EV चार्जिंग को लेकर दी हिदायत
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यावरण और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बढ़ते इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) के दौर में चार्जिंग के दौरान सावधानी बरतने और बिजली उपकरणों की समय-समय पर जांच कराने की अपील की। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि सरकार का लक्ष्य आगामी वर्षों में सिंचाई रकबे को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है।