मध्यप्रदेश में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी बढ़ गई है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में तापमान में बढ़ोत्तरी। जानें होली पर बारिश की संभावना और मौसम विभाग का लू अलर्ट।
By: Star News
Mar 03, 202611:40 AM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में मार्च की शुरुआत के साथ ही ठंड की विदाई हो गई है और सूर्यदेव के कड़े तेवर देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी मध्यप्रदेश का नौगांव 35.2°C के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं, खरगोन में 35.0°C और धार में 34.9°C तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है।
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
| भोपाल | 32.8° | 15.0° |
| इंदौर | 33.6° | 13.4° |
| ग्वालियर | 33.8° | - |
| जबलपुर | 33.3° | - |
| पचमढ़ी | - | 12.8° (सबसे ठंडा) |
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ रहेगा। होली के दौरान बारिश या बादलों की कोई संभावना नहीं है, जिससे त्योहार का मजा फीका नहीं पड़ेगा। हालांकि, इस दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोत्तरी हो सकती है। मार्च के अंत तक पारा 40°C के करीब पहुँचने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अप्रैल और मई के महीनों में प्रदेश के कई हिस्सों, विशेषकर पूर्वी मध्यप्रदेश में भीषण लू (Heat Wave) चल सकती है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग अभी से दोपहर की धूप से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। फिलहाल, सुबह और रात के समय हल्की गुलाबी ठंडक बरकरार है, लेकिन दिन की चिलचिलाती धूप ने गर्मी का अहसास बढ़ा दिया है।
बढ़ते तापमान और आने वाली भीषण गर्मी में 'हेल्थ एडवाइजरी' (Health Advisory)

पानी का भरपूर सेवन: प्यास न लगने पर भी दिन भर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।
देसी पेय पदार्थ: ओआरएस (ORS), नींबू पानी, छाछ, लस्सी, ताजे फलों का रस और नारियल पानी का सेवन करें।
आम पन्ना: लू से बचने के लिए 'आम पन्ना' सबसे रामबाण इलाज माना जाता है।
हल्का भोजन: गर्मी में भारी और तैलीय (Oily) भोजन के बजाय सुपाच्य और हल्का खाना खाएं।
मौसमी फल: तरबूज, खरबूजा, संतरा और अंगूर जैसे पानी से भरपूर फल खाएं।
ककड़ी और खीरा: सलाद में इनका अधिक प्रयोग करें, ये शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं।
सूती कपड़े: गहरे रंगों के बजाय हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें। ये पसीना सोखने और हवा के संचार में मदद करते हैं।
सुरक्षा कवच: बाहर निकलते समय सिर को टोपी, दुपट्टे या छतरी से ढकें। आंखों की सुरक्षा के लिए सनग्लासेस (धूप का चश्मा) लगाएं।
समय का चुनाव: दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें। यदि जरूरी हो, तो छायादार रास्तों का चुनाव करें।
सनस्क्रीन: त्वचा को झुलसने से बचाने के लिए बाहर निकलने से 20 मिनट पहले सनस्क्रीन का उपयोग करें।
बुजुर्गों और बच्चों को गर्मी जल्दी प्रभावित करती है। उन्हें ठंडी और हवादार जगह पर रखें।
बंद खड़ी कार में बच्चों या पालतू जानवरों को अकेला न छोड़ें, क्योंकि वहां तापमान बहुत तेजी से बढ़ सकता है।
यदि आपको या किसी और को नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
तेज सिरदर्द और चक्कर आना।
जी मिचलाना या उल्टी होना।
त्वचा का लाल और गर्म होना, लेकिन पसीना न आना।
मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन।