सिंगरौली जिले की देवसर जनपद पंचायत के बरका ग्राम में निर्माणाधीन शॉपिंग रूम के कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार सहायक द्वारा मानक विहीन निर्माण कराया जा रहा है। रेत, सीमेंट और सरिया की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं, जबकि उपयंत्री को इसकी जानकारी तक नहीं है। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि पंचायत में केवल रोजगार सहायक की मनमानी चल रही है और जिम्मेदार अधिकारी मौके से नदारद हैं।

हाइलाइट्स
सिंगरौली, स्टार समाचार वेब
जनपद पंचायत क्षेत्र देवसर के ग्राम पंचायत बरका में रोजगार सहायक की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। जहां कोई भी सरकारी निर्माण कार्य पंचायत के रोजगार सहायक द्वारा मानक के अनुरूप नहीं कराया जाता है। जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत में केवल रोजगार सहायक की मनमर्जी चलती है बाकी सरपंच सचिव नाम मात्र के हैं। बरका में जहां साप्ताहिक हाट बाजार लगता है। वही रोजगार सहायक के द्वारा कुछ शॉपिंग रूमों का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य हो रही है निर्धारित मानक के अनुरूप गिट्टी सरिया सीमेंट का प्रयोग नहीं कराया जा रहा है। इसके अलावा रेत भी दो नंबर का लगाया जा रहा है। एवं रेत की बिलिंग एक नंबर की रायल्टी वाला हो रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शॉपिंग रूम निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही अकुशल मजदूरों से ईंटा जोड़ाई कराई जा रही है। जिससे दीवाल के मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शॉपिंग रूम का दीवाल नीचे से ही टेढ़ा-मेढ़ा है। यहां पर निर्माण एजेंसी केवल निजी लाभ के लिए गुणवत्ता से समझौता कर रहा है। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
घटिया निर्माण की उपयंत्री को नहीं है जानकारी
देवसर जनपद क्षेत्र के बरका ग्राम पंचायत वैसे भी सुर्खियों में बनी रहती है। एक बार फिर शॉपिंग रूम का घटिया निर्माण कार्य बरका ग्राम पंचायत को कटघरे में लाकर खड़े कर दी है। क्या यह निर्माण कार्य उप यंत्री के जानकारी में नहीं है, यदि है तो फिर यह कैसे गुणवत्ता विहीन कार्य हो रही है और यदि उपयंत्री को इस घटिया निर्माण कार्य की जानकारी नहीं है तो क्यों? यह सवाल ग्रामीणों के मन में बार-बार उठ रही है।
जिम्मेदारों पर खड़े हो रहे सवाल
शासन प्रशासन ने किसी संस्था या इकाई को व्यवस्थित रूप से क्रियान्वयन कराने के लिए सभी छोटे बड़े अधिकारियों की नियुक्ति कर ड्यूटी लगाई है। जिससे कोई भी योजना या कार्य जमीनी स्थल पर सही सलामत संपन्न हो। इसी कड़ी में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में ग्राम पंचायत जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत की गठन की गई है। लेकिन यह आला अफसर मुख्यालय से दूर की अपने कार्य क्षेत्र में नहीं पहुंच पाते हैं,जिससे निचले निकाय यानि ग्राम पंचायतों को गड़बड़ झाला करने का बढ़िया मौका मिल जाता है। यही बात शायद ग्राम पंचायत बरका में भी सेट हो रही है।

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