सतना समेत जबलपुर मंडल के स्टेशनों में सफाई कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिलने पर रेलवे ने सात ठेकेदार कंपनियों को चेतावनी दी, बावजूद इसके स्टेशन की सफाई व्यवस्था अब भी लचर बनी हुई है

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
रेलवे स्टेशनों की सफाई व्यवस्था संभाल रहे ठेकेदारों की लापरवाही व मनमानी आखिरकार सामने आ गई। सतना समेत जबलपुर मंडल के स्टेशनों में सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने की शिकायतों के बाद रेलवे प्रशासन ने सात ठेकेदार कंपनियों को सख्त चेतावनी जारी की है। अब हर हाल में महीने की 7 सात तारीख से पहले वेतन नहीं दिया गया तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई रेलवे तय करेगा।
बताया जाता है कि सतना, मैहर,रीवा एवं जबलपुर स्टेशन समेत मंडल के बड़े स्टेशनों में साफ-सफाई व्यवस्था ठेके पर है। कई ठेकेदार सफाई कर्मचारियों की मेहनत की कमाई रोककर बैठे रहते हैं। समय पर वेतन भुगतान नहीं करते, जिससे सफाई मित्रों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। मामला तब खुलकर सामने आया, जब वेतन नहीं मिलने की शिकायतें जबलपुर मंडल कार्यालय तक पहुंचीं। शिकायत मिलते ही रेलवे प्रशासन ने ठेकेदार कंपनियों को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ कर दिया कि यदि सफाई कर्मियों को हर माह निर्धारित समय पर वेतन नहीं मिलता तो उनके खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी। बताया गया कि सहायक मंडल प्रबंधक गुन्नार सिंह ने सफाई ठेकेदारों को पत्र लिखकर समय पर वेतन भुगतान के आदेश जारी किए हैं।
इन ठेकेदारों पर रेलवे की नजर
क्लीनटेक सर्विसेज एंड वर्क फोर्स बिलासपुर, अल्ट्रा क्लीन जबलपुर, मैसूर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ, आरएन इंडस्ट्रीज लखनऊ, अलर्ट एंटरप्राइजेज दिल्ली, कामधेनु सिक्योरिटी सर्विस इंदौर, श्री साईं फैसिलिटीज जबलपुर।
इधर हर माह पेनाल्टी, फिर भी सफाई फीकी
सतना जंक्शन की सफाई नए ठेके में भी फीकी ही चल रही है। रेलवे द्वारा हर माह 50 हजार जुर्माना तय नियमों के अनुसार कार्य न करने पर लगाया जाता है लेकिन इसके बाद भी जंक्शन चकाचक नहीं रहता। बताया गया कि स्टेशन में अलर्ट एंटरप्राइजेज दिल्ली की फर्म को 4 लाख 88 हजार रुपए प्रति माह में सफाई का ठेका दिया गया है।
इस तरह सफाई में बरत रहे लापरवाही


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