रामनगर सीएचसी में ब्लड स्टोरेज सेंटर का लाइसेंस खत्म होने से मरीजों को सतना तक 70 किमी जाना पड़ रहा है। संसाधनों की कमी से सुविधा शुरू नहीं हो सकी, जिससे गंभीर मरीजों को परेशानी हो रही है।
By: Yogesh Patel
Mar 31, 20262:30 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में ब्लड स्टोरेज सेंटर शुरू होने की उम्मीदें फिलहाल अधूरी ही हैं। करीब दो साल पहले बड़े प्रचार के साथ मिले लाइसेंस के बावजूद आज तक सेंटर शुरू नहीं हो सका। हालात यह हैं कि फरवरी में लाइसेंस की वैधता भी खत्म हो गई लेकिन जमीनी स्तर पर सुविधा शुरू नहीं हो पाई। इस चक्कर में 70 किमी की दूरी तय करना मजूबरी बनी हुई है।
कागजों में सुविधा, जमीन पर जीरो
सीएचसी रामनगर को 15 फरवरी 2024 को ब्लड स्टोरेज सेंटर का लाइसेंस मिला था जिसकी वैधता 14 फरवरी 2026 तक थी। इस दौरान अस्पताल में सेंटर स्थापित होना था लेकिन जरूरी संसाधनों और व्यवस्थाओं के अभाव में काम आगे नहीं बढ़ सका। न तो उपकरण पूरी तरह लगाए गए और न ही संचालन शुरू हो पाया।
हर माह 50 यूनिट की जरूरत
रामनगर क्षेत्र में हर महीने औसतन 50 यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है। इसके बावजूद मरीजों को अब भी सतना जिला अस्पताल या अन्य ब्लड बैंकों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं और एक्सीडेंट के मरीजों को हो रही है।
70 किमी का सफर मजबूरी
ब्लड की जरूरत पड़ने पर मरीजों को करीब 70 किलोमीटर दूर सतना जाना पड़ता है। कई बार समय पर ब्लड नहीं मिलने से स्थिति गंभीर हो जाती है। स्थानीय स्तर पर सुविधा न होने से ग्रामीण अंचल के लोगों को आर्थिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
स्टाफ और संसाधन अड़चन
सूत्रों के अनुसार, ब्लड स्टोरेज सेंटर के लिए आवश्यक तकनीकी स्टाफ, उपकरण और संचालन व्यवस्था समय पर विकसित नहीं हो सकी। यही वजह रही कि लाइसेंस मिलने के बावजूद सेंटर शुरू नहीं किया जा सका।
प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग अब दोबारा लाइसेंस के लिए प्रक्रिया शुरू करने की बात कह रहा है। अधिकारियों का दावा है कि आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर जल्द ही नए सिरे से अप्रूवल लेकर सेंटर चालू किया जाएगा।