रीवा में बढ़ते माइग्रेशन को देखते हुए अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग पर विशेष कार्य के निर्देश। एसीएस संजय दुबे ने योजनाओं की समीक्षा की।
By: Yogesh Patel
Feb 09, 202612:43 PM
हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में नगर निगम की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग दिव्यांक सिंह, नगर निगम आयुक्त डॉ. सौरभ सोनवणे सहित एमपीयूडीसी निगम की निर्माण, राजस्व, वित्त एवं स्वास्थ्य शाखा के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 एवं 2.0 अंतर्गत एएचपी, बीएलसी, एआरएच, आईएसएस एवं इन-सीटू स्लम रिहैबिलिटेशन घटकों की विस्तृत समीक्षा की गई।
अपर मुख्य सचिव ने एएचपी पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए तथा एएचपी मद में व्यय राशि के समायोजन हेतु एलआईजी एवं एमआईजी भवनों से प्राप्त राशि के उपयोग की बात कही। बीएलसी योजना के अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा आवश्यकतानुसार अंतिम किश्त का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इन-सीटू स्लम रिहैबिलिटेशन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने शिवनगर में क्रॉस-कम्पनसेशन आधारित प्रोजेक्ट तथा निराला नगर बस्ती के पुनर्वास कार्य की जानकारी दी, जिस पर एसीएस ने संतोष व्यक्त किया। रीवा में बढ़ते माइग्रेशन को दृष्टिगत रखते हुए एआरएच (अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग) पर विशेष कार्य करते हुए औद्योगिक क्षेत्रों से समन्वय स्थापित कर श्रमिकों एवं कर्मचारियों हेतु सर्वसुविधायुक्त 300 इकाई की आवास परियोजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए । आईएसएस योजना में अपेक्षित प्रगति न होने पर शासकीय एवं निजी कर्मचारियों को केंद्र में रखकर इसे प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने तथा आवास हेतु प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। पूर्व में बाढ़ से क्षतिग्रस्त 12 एमएलडी प्लांट के पुनर्निर्माण हेतु अमृत 2.0 योजना की शेष राशि से स्वीकृति प्रदान की गई। अपर मुख्य सचिव ने अर्बन चैलेंज फंड अंतर्गत लगभग 1000 करोड़ रुपये की समग्र योजना तैयार करने के निर्देश दिए। जल शोधन यंत्र से ट्रीटेड जल की ही आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं नियमित क्लोरीनेशन कराने पर बल दिया गया। पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में मरम्मत कार्य अनुबंधित कंपनी के कुशल कर्मचारियों से ही कराए जाने तथा व्यय संबंधित एजेंसी से वसूलने के निर्देश दिए गए। पाइपलाइन क्षति पर 10 गुना दंडात्मक कार्रवाई हेतु शासन स्तर से एसओपी जारी करने की बात कही गई।
शहर में योजना स्थल का किया मुआयना
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने आज रीवा प्रवास के दौरान नगर निगम क्षेत्र में संचालित प्रमुख परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग दिव्यांक सिंह, नगर निगम आयुक्त डॉ. सौरभ सोनवणे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अपर मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत कृष्णा नगर आवासीय परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कारणों की जानकारी ली तथा यह प्रश्न किया कि परियोजना को एज इस व्हेयर बेसिस पर क्यों नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि पूर्व निविदाकार की राशि फॉरफेट कर दी गई है तथा शेष कार्य के लिए नई निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर एलओए जारी कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परियोजना को चरणबद्ध तरीके से ब्लॉकवार पूर्ण किया जाए तथा कार्य में गति लाकर शीघ्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए। इसके पश्चात उन्होंने निमार्णाधीन कुठुलिया जल शोधन यंत्र का निरीक्षण किया। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम चर्चा के दौरान बताया गया कि रीवा शहर वर्तमान में इसमें सम्मिलित नहीं है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए परियोजना तैयार कर प्रारंभिक स्तर से ही कार्यवाही की जाए।
शहर के बाहर लागू होगी टाउन प्लानिंग स्क्रीम
टाउन प्लानिंग एवं शहरी विकास पर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि टाउन प्लानिंग स्कीम (टीपीएस) को मुख्य रूप से शहर के बाहरी क्षेत्रों में लागू किया जाए, ताकि अनियोजित विकास को रोका जा सके। उन्होंने निर्देशित किया रीवा में टाउन प्लानर विशेष समय देकर कच्चे एवं अविकसित क्षेत्रों को सुव्यवस्थित शहरी ढांचे में विकसित करने हेतु कार्ययोजना तैयार करेंगे। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि शासकीय विभाग भी भवन निर्माण हेतु विधिवत बिल्डिंग परमिशन प्राप्त करें तथा इस संबंध में राज्य स्तर से सर्कुलर जारी किया जाएगा। राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए संपत्तिकर एवं जलकर की एकीकृत आईडी तैयार करने को कहा। वसूली के लिए विशेष रूप से व्यावसायिक कर संपत्तियों का चिन्हांकन करने तथा 31 मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने हेतु सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। व्यावसायिक उपयोग वाले आवासीय भवनों पर व्यावसायिक दर से कर अधिरोपित कर वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा डोर-टू-डोर वसूली अभियान को तेज करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विशेष तौर मार्च तक व्यावसायिक बकायादार की संख्या शून्य हो यह राजस्व के सभी अधिकारी कर्मचारी सुनिश्चित करेंगे अन्यथा कि स्थिति में शासन स्तर से भी कार्रवाई की जावेगी। रेलवे संपत्तियों पर सेवा प्रभार की वसूली एवं अन्य शासकीय भवनों के समान करने तथा संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु जिला एवं राज्य स्तर पर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। नगर निगम रीवा को अपेक्षित ट्रेड लाइसेंस अनुमति शीघ्र प्रदान किए जाने पर भी चर्चा की गई।