रीवा के जिला आबकारी अधिकारी अनिल जैन ने एफआईआर की जानकारी छिपाकर हाईकोर्ट से स्थगन लिया था। शासन की रिट पर कोर्ट ने आदेश निरस्त कर ट्रांसफर बहाल किया, आगे की कार्रवाई पर नजर।
By: Yogesh Patel
Feb 28, 20263:42 PM
हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
जिला आबकारी अधिकारी अनिल जैन के कांड हैं कि खत्म ही नहीं हो रहे। पहले फर्जी बैंक गारंटी से शराब ठेकेदारों को दुकानें आवंटित की। ईओडब्लू ने मामला पंजीबद्ध किया। शासन ने ग्वालियर ट्रांसफर किया, लेकिन रीवा में ही जमें रहने के लिए एफआईआर की जानकारी छिपा कर उच्च न्यायालय की शरण ली। स्थगन मिल गया। बाद में जब सरकार ने कोर्ट में जवाब दिया और रिट पिटीशन दायर की तो उनके किये कराये पर पानी फिर गया। कोर्ट ने झटका देते हुये
उल्लेखनीय है कि जिला आबकारी अधिकारी अनिल जैन पर फर्जी बैंक गारंटी से शराब दुकानों को ठेका देने के मामले में ईओडब्ल्यू ने एफआरआर दर्ज की थी। इसी के चलते उनका स्थानांतरण रीवा से 31 जुलाई 2025 को संभागीय फ्लाइंग स्क्वॉड ग्वालियर कर दिया गया था। उक्त स्थानांतरण आदेश के खिलाफ जिला आबकारी अधिकारी ने उच्च न्यायालय में याचिका क्रमांक 31531/2025 दायर किया था। जिसमें उन्हें उच्च न्यायालय से स्थानांतरण पर स्थगन मिल गया था। लेकिन खास बात यह है कि इस याचिका में जिला आबकारी अधिकारी ने अपने ऊपर ईओडब्ल्यू में दर्ज एफआईआर की जानकारी छिपाई थी। इसका खुलासा उस समय हुआ, जब शासन ने रिट याचिका दायर की और सभी दस्तावेज सम्मलित किये। जिसमें बताया गया कि जिला आबकारी अधिकारी अनिल जैन के खिलाफ ईओडब्ल्यू रीवा में मामला संख्या 78/2025 दिनांक 28.03.2025 को दर्ज किया गया था। जिसमें वे आरोपी संख्या 7 हैं। इसी के चलते मुख्यमंत्री की सहमति से उनका स्थानांतरण आदेश जारी किया गया था। इस खुलासे के बाद उच्च न्यायालय से श्री जैन को तगड़ा झटका लगा और उनका स्थगन आदेश निरस्त कर दिया गया।
राहत के लिये फिर दायर कर सकते हैं याचिका
स्थगन को निरस्त करते हुये उच्च न्यायालय ने यह भी कहा है कि यदि याचिकाकर्ता को राहत चाहिये तो वह फिर से याचिका दायर कर सकते हैं। अब देखना होगा कि जिला आबकारी अधिकारी का अगला कदम क्या होगा। वह पुन: याचिका दायर करेंगे या फिर रीवा से कार्य मुक्त होते हुये स्थानांतरित स्थान पर ज्वाइनिंग करेंगे। फिलहाल न्यायालय ने सुनवाई के दौरान उक्त स्थानांतरण आदेश को बहाल कर दिया है।
एफआईआर में बढ़ेगी आरोपियों की संख्या
ज्ञात हो कि फर्जी बैंक गारंटी मामले में शिकायत उपरांत ईओडब्ल्यू रीवा ने एफआईआर दर्ज किया था। सूत्रों ने बताया कि इस एफआईआर में बैंक मैनेजर, जिला आबकारी अधिकारी समेत 13 आरोपी नामजद हो चुके हैं। जबकि रीवा आबकारी कार्यालय में पदस्थ एक और उप निरीक्षक का नाम इसमें शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। यह वही उप निरीक्षक हैं, जिन्होंने फर्जी बैंक गारंटी मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।