सतना रेलवे स्टेशन के मुख्य मार्ग पर बढ़ते अतिक्रमण, सड़क तक फैले होटल-व्यवसाय और कोयले की भट्टियों से निकलते धुएं ने यातायात व्यवस्था प्रभावित कर दी है। नागरिकों को रोजाना जाम और प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
शहर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और यातायात-अनुकूल बनाने के लिए नगर निगम द्वारा समय-समय पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। स्वच्छता और शहरी व्यवस्थाओं के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आती है। शहर की सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त सड़कों में शामिल पश्चिम मध्य रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार से गुजरने वाले मार्ग पर अतिक्रमण की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस मार्ग पर संचालित कई होटल, भोजनालय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुलेआम सडक तक अपना सामान और सामग्री फैलाकर रख रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि कई स्थानों पर दुकानों और होटलों का कारोबार सड़क की सीमा लांघकर सार्वजनिक मार्ग तक पहुंच गया है। यहीं नहीं होटलों द्वारा डंके की चोट पर अपनी कोयले की भट्टी को सडक ड्योड़ी तक फैलाकर ऐसा धुआं किया जाता है कि इस शहर में आने वाले यात्री स्वयं ही धुआं-धुंआ हो जाते हैं।
दिनभर जाम, राहगीर परेशान
रेलवे स्टेशन शहर का प्रमुख प्रवेश बिंदु होने के कारण यहां प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन रहता है। इसके बावजूद अतिक्रमण के कारण सडक की चौड़ाई लगातार कम होती जा रही है। नतीजतन दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है और आम नागरिकों, यात्रियों तथा वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
क्या कहते हैं नियम?
सार्वजनिक मार्ग पर कब्जा वर्जित: नगर निगम अधिनियम के अनुसार किसी भी व्यक्ति, दुकान, होटल या व्यावसायिक प्रतिष्ठान को सडक, फुटपाथ अथवा सार्वजनिक भूमि पर स्थायी या अस्थायी कब्जा करने का अधिकार नहीं है।
यातायात में बाधा दंडनीय: यदि किसी प्रतिष्ठान द्वारा सडक पर सामान रखकर आवागमन बाधित किया जाता है तो संबंधित निकाय उसे हटाने तथा दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए अधिकृत है।
स्वच्छता बनाए रखना अनिवार्य: खाद्य प्रतिष्ठानों को अपने परिसर और आसपास स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा, गंदगी या अव्यवस्था फैलाना नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
प्रदूषण नियंत्रण की जिम्मेदारी: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा धुआं, दुर्गंध, अपशिष्ट या अन्य प्रदूषण फैलाने पर संबंधित विभाग कार्रवाई कर सकता है।
नगर निगम की जवाबदेही: सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखना स्थानीय निकाय की प्रमुख जिम्मेदारी मानी जाती है। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई अपेक्षित होती है।


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