मध्यप्रदेश में भले ही सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपियों पर केस चलाने के लिए विभिन्न विभाग अभियोजन की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश में अफसरों का कवच बनीं सरकारी फाइल
भ्रटों के केसों में कोर्ट में चालान पेश करने में असमर्थ
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के 36 केस लंबित
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में भले ही सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपियों पर केस चलाने के लिए विभिन्न विभाग अभियोजन की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं। इस समय राज्यभर में 295 ऐसे केस अटके हुए हैं, जिनमें लोकायुक्त ने न्यायालय में चालान पेश करने के लिए संबंधित विभागों से अनुमति मांगी है, लेकिन फाइलें दबाकर बैठ जाने से कार्रवाई ठप पड़ी है। इस ढिलाई के कारण कई बड़े और पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है। जीएडी में लंबित प्रकरणों में मुख्य रूप से कई आईएएस अफसरों के नाम शामिल हैं। वहीं मप्र लोकायुक्त के डीजी योगेश देशमुख का कहना है कि अभियोजन स्वीकृति के जो प्रकरण आते हैं वह संबंधित विभाग को भेजे जाते हैं। अभियोजन स्वीकृति देना या न देना विभाग का क्षेत्राधिकार होता है। विभाग से स्वीकृति आने में देरी होती है तो रिमाइंडर भी भेजते हैं।
आईएएस अधिकारियों के प्रकरण लंबित
लंबित मामलों में प्रमुख नाम सामान्य प्रशासन विभाग में सेवानिवृत्त आईएएस वेदप्रकाश, विवेक सिंह तत्कालीन नगर निगम आयुक्त ग्वालियर, शिवशेखर शुक्ला तत्कालीन कलेक्टर उज्जैन, अजातशत्रु श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त) तत्कालीन कलेक्टर उज्जैन, बृजमोहन शर्मा (सेवानिवृत्त) तत्कालीन कलेक्टर उज्जैन, अरुण कोचर (सेवानिवृत्त) तत्कालीन संचालक विमानन संचालनालय के हैं। इनके प्रकरण अभियोजन स्वीकृति के लिए लंबित है। वहीं नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सर्वाधिक 36 प्रकरण लंबित हैं।
विधानसभा में उठ चुका मुद्दा
विभागों से अभियोजन स्वीकृति न मिलने से लोकायुक्त संगठन कोर्ट में चालान पेश नहीं कर पा रहा है और जांच भी आगे नहीं बढ़ पा रही है। कांग्रेस विधायक दिनेश जैन बोस के प्रश्न के जवाब में विधानसभा में जानकारी दी गई कि एक जनवरी, 2020 से 21 जून, 2026 तक शिकायत एवं जांच शाखा में 1,965 एवं तकनीकी शाखा में 190 प्रकरण यानी कुल 2,155 प्रकरणों में जांच पूर्ण की गई। लोकायुक्त में इस अवधि में कुल 1,318 प्रकरणों में विवेचना पूर्ण की जा चुकी है। इनमें से 1,302 केसों में अभियोजन यानी मुकदमा चलाने की अनुमति के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी को प्रस्ताव भेजा गया था। उनकी ओर से 985 प्रकरणों में स्वीकृति मिली है। 14 प्रकरणों में अमान्य, दो प्रकरण में खात्मा पेश किया गया और शेष छह प्रकरणों में आरोपित की मृत्यु के कारण मामले समाप्त हुए है। स्पष्ट है कि 295 मामलों में अभियोजन की अनुमति नहीं मिली है।
अन्य निकायों के पास 166 केस लंबित
स्कूल शिक्षा, संसदीय कार्य, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, श्रम, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, पशुपालन विभाग में एक-एक केस लंबित है। राज्य के अन्य निकायों के पास 166 मामले लंबित हैं।
विभागवार स्वीकृति के लिए लंबित केस
| विभाग का नाम | लंबित प्रकरणों की संख्या |
| नगरीय विकास एवं आवास | 36 |
| पंचायत एवं ग्रामीण विकास | 15 |
| लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण | 12 |
| सामान्य प्रशासन विभाग | 11 |
| लोक निर्माण विभाग | 10 |
| राजस्व विभाग | 6 |
| जल संसाधन / उद्यानिकी / वन विभाग | 5-5 |
| जनजातीय कार्य / महिला एवं बाल विकास | 4-4 |
| सहकारिता / कृषि / गृह (पुलिस) / वाणिज्यिक कर | 2-2 |
| अन्य राज्य निकाय | 166 |

दतिया का सियासी पारा इन दिनों चरम पर है। भगवा पार्टी की तरफ से चुनावी रण में उतरीं किन्नर प्रत्याशी संजना सिंह का प्रचार अभियान पूरे प्रदेश में कौतूहल और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दतिया की गलियों में यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि एक अनोखा लोक-उत्सव जैसा नजारा बन गया है।
मध्यप्रदेश में भले ही सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपियों पर केस चलाने के लिए विभिन्न विभाग अभियोजन की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं।
रीवा के एपीएस विश्वविद्यालय में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया में समिति बदलने से विवाद गहरा गया है। पात्रता, दस्तावेजों और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रीवा में एनएसयूआई ने पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज और शिक्षा व्यवस्था के विरोध में भाजपा कार्यालय घेरने का प्रयास किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोका और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
रीवा में ज्वेलरी दुकान से करीब दो लाख रुपये के जेवर चोरी हो गए। सीसीटीवी में आरोपी कैद हुआ है। वहीं 50 लाख से अधिक की चोरी का खुलासा अब तक नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
पन्ना दौरे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 184 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि जारी करते हुए मेडिकल कॉलेज, केन-बेतवा परियोजना और समान नागरिक संहिता पर सरकार की प्राथमिकताएं बताईं।
सतना के एक स्पा सेंटर में कर्मचारियों और संचालक के बीच विवाद के बाद आधी रात पुलिस पहुंची। ताला तोड़कर युवतियों को बाहर निकाला गया। शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया।
सतना में नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस और एनएसयूआई ने कलेक्ट्रेट घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प, हिरासत, यातायात जाम और थाना वाहन में तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई।
सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने शहर की सड़कों और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण कर निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की समयसीमा तय की। अधिकारियों को गुणवत्ता, नियमित मॉनिटरिंग और नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सतना जिले में 99 प्रतिशत पुस्तकें पहुंचने के बावजूद विद्यार्थियों तक केवल 86 प्रतिशत पाठ्यपुस्तकों का वितरण हो सका। एक लाख से अधिक किताबें अब भी लंबित हैं, जिस पर डीपीआई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में समीक्षा होगी।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह