मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के शिवाजी नगर स्थित सिद्धांता सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) की जांच में अस्पताल के संचालन में 19 गंभीर खामियां पाई गईं।
मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग ने आईपीएस अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। चंचल शेखर को खेल विभाग का संचालक और अंशुमन यादव को गुप्तवार्ता का अतिरिक्त प्रभार मिला है।
मध्यप्रदेश में सरकारी खजाने में सेंधमारी का एक बेहद संगीन और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक ओर राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन लागू करने के लिए मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों की विदेश यात्राओं तथा महंगे होटलों के आयोजनों पर सख्ती से रोक लगा रही है।
सीहोर के पचामा गांव स्थित रुद्रांश डेयरी पर खाद्य विभाग ने दूसरी बार छापा मारकर 25 क्विंटल संदिग्ध एनालॉग पनीर जब्त किया।
मध्यप्रदेश में दूषित पानी से मौतों और जल जनित बीमारियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इंदौर के बाणगंगा और स्नेह नगर क्षेत्र में पाइपलाइन में नाले का पानी मिलने से हुए जल संकट और मौतों की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब बालाघाट जिले से बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है।
मध्य प्रदेश के मंडला जिले में ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जबलपुर ईओडब्ल्यू की टीम ने बुधवार तड़के तीन बजे पश्चिम सामान्य वन मंडल में पदस्थ लिपिक (बाबू) स्वेतांक चौरसिया के आवास पर छापा मारा।
मध्य प्रदेश के जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की विशेष टीम ने आज यानी शनिवार तड़के वित्तीय अनियमितताओं और आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक बड़ी छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया। डीएसपी रेखा प्रजापति, निरीक्षक जितेंद्र यादव, राहुल गजभिए एवं शशि मस्कुले की टीम ने रिहायशी मकान पर दबिश देकर बेनामी वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों, फिक्स डिपॉजिट और निवेश पत्रों को जब्त किया।
मध्यप्रदेश में निजी स्कूलो के संचालन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने सख्त और नई गाइडलाइन तय कर दी है। अब राज्य में किसी भी निजी हाई और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की स्थापना, मान्यता, नवीनीकरण, माध्यम या स्थान परिवर्तन के लिए सरकार की नई शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को प्रदेशभर से पहुंचे हजारों आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। मप्र विद्युत कर्मचारी संगठन के बैनर तले एकजुट हुए कर्मचारियों ने आंबेडकर मैदान में विशाल धरना दिया।
मध्यप्रदेश में भले ही सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपियों पर केस चलाने के लिए विभिन्न विभाग अभियोजन की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं।






















