मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के शिवाजी नगर स्थित सिद्धांता सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) की जांच में अस्पताल के संचालन में 19 गंभीर खामियां पाई गईं।

सीएमएचओ की जांच रिपोर्ट में मिली गंभीर खामियां
मचा हड़कंप, जांच में सामने आईं प्रमुख अनियमितताएं
एचआईवी के मरीजों के लिए कोई अलग व्यवस्था नहीं
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के शिवाजी नगर स्थित सिद्धांता सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) की जांच में अस्पताल के संचालन में 19 गंभीर खामियां पाई गईं। इस कठोर कार्रवाई से राजधानी के अन्य निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम संचालकों में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग के इस सख्त रुख से साफ संदेश गया है कि नियमों में अनदेखी करने वाले किसी भी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा।
नई भर्तियों और सेवाओं पर रोक
लाइसेंस रद्द होने के बाद अस्पताल में नए मरीजों को भर्ती करने और किसी भी प्रकार की मेडिकल या नर्सिंग सेवाएं देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। वर्तमान में भर्ती मरीजों के इलाज और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी। मरीजों को बिना सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक डिस्चार्ज या शिफ्ट नहीं किया जाएगा, ताकि उनकी जान को कोई खतरा न हो।
इमरजेंसी और डायलिसिस में लापरवाही
स्वास्थ्य विभाग की जांच में 19 गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं हैं। अस्पातल के आपातकालीन कक्ष में केवल एक बीपी मशीन और एक आॅक्सीजन सिलेंडर मिला। क्रैश कार्ट लॉक थी और ट्रॉमा क्षेत्र का उपयोग सामान्य ड्रेसिंग के लिए हो रहा था। डायलिसिस यूनिट में सीरो-पॉजिटिव मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन की व्यवस्था नहीं थी।
एचआईवी मरीजों के लिए इंतजाम नहीं
हेपेटाइटिस और एचआईवी से पीड़ित सीरो-पॉजिटिव मरीजों के इलाज और सुरक्षा के लिए अस्पताल में कोई अलग व्यवस्था नहीं पाई गई। आईसीयू में संक्रमित मरीजों के लिए आरक्षित केबिनों में सामान्य मरीजों को भर्ती किया गया था, जिससे क्रॉस-इंफेक्शन का गंभीर खतरा था।
स्टाफ और डॉक्टरों की अनुपस्थिति
आन-ड्यूटी डॉक्टरों के योग्यता दस्तावेज नहीं दिखाए गए। ओपीडी में बोर्ड पर दर्ज समय के अनुसार डॉक्टर मौजूद नहीं थे। इसके साथ ही मोबाइल एक्स-रे जांच के दौरान मरीजों को लेड एप्रन या थायरॉयड कॉलर नहीं पहनाया जा रहा था। साथ ही रेडिएशन टेस्ट का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के शिवाजी नगर स्थित सिद्धांता सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) की जांच में अस्पताल के संचालन में 19 गंभीर खामियां पाई गईं।
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