मध्यप्रदेश के आबकारी विभाग में सागर जहरीली शराब कांड के बाद उपजा विवाद अब प्रशासनिक व्यवस्था और नियमों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। इधर, आबकारी विभाग नोटिस पर मध्यप्रदेश के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना से पक्ष और जानकारी लेने के लिए उनके फोन नंबर पर बुधवार को दोपहर 2:30 बजे संपर्क किया तो उन्होंने फोन काट दिया।

जनहित में उठाए कदम पर कस दिया प्रशासनिक शिकंजा
सहायक आयुक्त को विवश होकर आदेश वापस लेना पड़ा

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के आबकारी विभाग में सागर जहरीली शराब कांड के बाद उपजा विवाद अब प्रशासनिक व्यवस्था और नियमों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जबलपुर में सहायक आबकारी आयुक्त संजीव कुमार दुबे पर हुई कार्रवाई इस बात का ज्वलंत उदाहरण बन गई है कि कैसे जनहित में तुरंत कठोर कदम उठाने वाले इमानदार और सक्रिय अधिकारियों को ही प्रशासनिक शिकंजे में कस दिया जाता है। दरअसल, मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा में दो दर्जन लोगों की मौतों के बाद जबलपुर में आबकारी अफसर द्वारा संदिग्ध सागर गोल्ड ब्रांड की बिक्री पर एहतियातन तुरंत रोक लगाई गई, तो अधिकारी को ही नियम उल्लंघन (बिना लैब टेस्ट/अनुमति के आदेश) का कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया। इधर, आबकारी विभाग नोटिस पर मध्यप्रदेश के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना से पक्ष और जानकारी लेने के लिए उनके फोन नंबर पर बुधवार को दोपहर 2:30 बजे संपर्क किया तो उन्होंने फोन काट दिया।
तब तक कितना समय बीत जाता
आबकारी विभाग में दिनोंदिन अधिकारियों का काम करना मुश्किल होता जा रहा है। ताजा मामला जबलपुर के असिस्टेंट कमिश्नर संजीव दुबे का है, जिन्होंने सागर में जहरीली शराब कांड उजागर होने के बाद तुरंत उस कंपनी की शराब की बिक्री पर बैन लगा दिया था। लेकिन उच्चाधिकारियों को यह रास नहीं आया और उन्होंने संजीव दुबे को नोटिस थमा दिया। आधार यह बनाया गया कि बिना लैब टेस्ट किए शराब पर बैन कैसे लगाया। सवाल यही उठता है कि जब तक शराब पैक की जाती, लैब भेजी जाती, जांच रिपोर्ट आती और फिर एक्शन होता-तब तक कितना समय बीत जाता? हो सकता है इसमें चंद घंटे ही लगते, लेकिन इस दौरान वह शराब दुकानों से उपभोक्ताओं तक पहुंच जाती। यदि लोग उसे पी लेते तो सागर जैसी त्रासदी जबलपुर में भी हो सकती थी। तब जिम्मेदार कौन होता। ऐसे में संजीव दुबे ने जनहित में कदम उठाकर क्या गलत किया।
कठघरे में एहतियातन कदम
जिम्मेदारों के इस दोहरे रवैये से साफ जाहिर होता है कि जहां पुलिस महकमा किसी बड़े खतरे को टालने के लिए व्यापक स्तर पर पाबंदियां लगाता है और उसकी सराहना होती है। वहीं आबकारी विभाग का कोई अधिकारी लोगों की जान बचाने के लिए वही एहतियाती रवैया अपनाता है तो उसे गलत करार देरक कठघरे में खड़ा कर दिया जाता है।
सागर कांड का असर और त्वरित एक्शन
सागर जिले के बंडा में सागर गोल्ड नाम की जहरीली शराब पीने से दो दर्जन लोगों की मौत हो गई। इस त्रासदी से सबक लेते हुए जबलपुर के सहायक आबकारी आयुक्त संजीव कुमार दुबे ने 6 सितंबर को जिले में सागर गोल्ड ब्रांड की बिक्री रोकने का साहसिक और एहतियाती आदेश जारी किया। लेकिन वाणिज्यिक कर विभाग ने संजीव दुबे को मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम, 1965 के तहत 15 दिन का कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
आदेश लेना पड़ा वापस
विभाग अब अपनी सफाई में तर्क दे रहा है कि आदेश जारी करने से पहले किसी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति या निर्देश नहीं लिए गए। इसे गंभीर मामला मानते हुए विभाग ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के प्रावधान के अनुसार कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर लिखित जवाब मांगा है। निर्धारित अवधि में जवाब न मिलने पर एकपक्षीय निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, नोटिस मिलने के बाद अधिकारी को विवश होकर अपना आदेश वापस/परिवर्तित करना पड़ा।
यह भी पढ़िए...
मध्यप्रदेश: सागर में जहरीली शराब कांड के तीसरे दिन एसडीएम आरती यादव- एसडीओपी प्रदीप को हटाया

राजधानी भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में मध्य प्रदेश के इंटर्न डॉक्टर्स का आंदोलन तीसरे दिन और उग्र हो गया है। भोपाल और इंदौर समेत प्रदेशभर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
मध्यप्रदेश के आबकारी विभाग में सागर जहरीली शराब कांड के बाद उपजा विवाद अब प्रशासनिक व्यवस्था और नियमों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। इधर, आबकारी विभाग नोटिस पर मध्यप्रदेश के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना से पक्ष और जानकारी लेने के लिए उनके फोन नंबर पर बुधवार को दोपहर 2:30 बजे संपर्क किया तो उन्होंने फोन काट दिया।
मध्यप्रदेश में सितंबर महीने के दौरान बैंकिंग सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित होने जा रही हैं। हड़ताल और नियमित साप्ताहिक छुट्टियों के कारण राज्य भर में कुल 9 दिन बैंकों में काम नहीं होगा। सरकार 5-डे बैंकिंग की जायज मांग को अनावश्यक रूप से टाल रही है। हालांकि, स्थिति को संभालने के लिए सरकार और बैंक संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच नई दिल्ली में वार्ता प्रस्तावित है।
दुबई में आयोजित AIM कांग्रेस 2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योगपतियों से की चर्चा। मध्य प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर और लॉजिस्टिक्स में बड़े निवेश के प्रस्ताव।
मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग का बड़ा कदम। मंत्री इन्दर सिंह परमार 9 सितंबर 2026 को 'ई-ज्ञानसेतु' (e-GyanSetu) यूट्यूब चैनल का करेंगे शुभारंभ। क्षेत्रीय भाषाओं में मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण ई-वीडियो कंटेंट।
धार जिले के लिए 8 सितंबर का ऐतिहासिक दिन! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धार-छोटा उदयपुर रेल परियोजना के तहत नवनिर्मित रेलखंड का लोकार्पण किया।
भोपाल में सेंट्रल जीएसटी की बड़ी कार्रवाई। जिम 365 डिग्री के पांच ठिकानों पर छापे में 1 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी पकड़ी गई। सारंगपुर में किराना कारोबारियों पर भी स्टेट जीएसटी का शिकंजा।
रीवा में न्याय सत्याग्रह में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और आदिवासियों के अधिकारों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने डिप्टी सीएम से इस्तीफे की मांग की।
गुढ़ के भैरव बाबा मोड़ पर लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए एसडीएम ने सुरक्षा इंतजामों की पहल की। दोनों ओर स्पीड ब्रेकर, ब्लिंकिंग लाइट, सोलर लाइट, बेरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
रीवा की कलाकार विभूति मिश्रा ने सेनेटरी पैड से 5000 वर्गफुट का विशाल पोर्ट्रेट तैयार कर नया कीर्तिमान बनाने की पहल की। 30 हजार से अधिक पैड उपयोग कर जरूरतमंद महिलाओं को वितरित किए जाएंगे।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह