सतना जिले में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया बेहद धीमी है। सात दिन में केवल 5.83 फीसदी स्लॉट बुक हुए हैं और 77 में से सिर्फ पांच केंद्रों पर खरीदी शुरू हो पाई है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
ले..दे..के बुधवार से इस रबी वर्ष की गेहूं खरीदी शुरू हो गई। 15 अप्रैल सरकार द्वारा मुकर्रर की गई तारीख थी। इसके लिए कागजों में उपार्जन केन्द्र बना दिए गए थे लेकिन स्थापना न आॅनलाइन किए गए हैं। यह प्रक्रिया स्लो एकदम स्लो है। जिस वजह से स्लॉट भी बुक नहीं हो पा रहे हैं। आलम यह है कि सात दिन बीत जाने के बाद मात्र 5.83 फीसदी स्लॉट बुक हो पाए । बाकी के किसान स्लॉट बुक करने के लिए इंटरनेट से जूझ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक रबी विपणन वर्ष 2026-27 अंतर्गत गेहूं उपार्जन के लिए 57 हजार 3 सौ 99 किसानों ने पंजीकरण कराया है इसमें 9 अप्रैल से 15 अप्रैल की शाम 8 बजे तक 3 हजार 3 सौ 48 किसानों के ही स्लॉट बुक हो पाए। शेष अभी भी जूझ रहे हैं।
इन केन्द्रों में शुरू हुई खरीदी
सतना जिले के 5 केन्द्रों में शगुन के तौर पर गेहूं खरीदी शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार रामानुजम विपणन सहकारी संस्था टिकुरी, सेवा सहकारी समिति मेहुती, सेवा सहकारी समिति बेरहना हरिहरपुर, सेवा सहकारी समिति चूंद तिहाई, सेवा सहकारी समिति सितपुरा में ही खरीदी शुरू हो सकी। बाकी के 72 में खरीदी का कोई अपडेट नहीं मिल सका है। माना जा रहा है इनमें खरीदी शुरू नहीं हो सकी।
रामपुर में ज्यादा, मझगवां में सबसे कम
गेहूं बेचने की आतुरता सर्वाधिक रामपुर बाघेलान तहसील में देखने को मिली। जानकारी के मुताबिक रामपुर बाघेलान तहसील में सर्वाधिक 15 हजार 30, नागौद तहसील में 12 हजार 1 सौ 5, उचेहरा तहसील में 8 हजार 9 सौ 27, कोटर तहसील में 6 हजार 78, रघुराजनगर तहसील में 5 हजार 8 सौ 72, बिरसिंहपुर तहसील में 4 हजार 2 सौ 91, कोठी तहसील में 3 हजार 4 सौ 38 और मझगवां तहसील में सबसे कम 1 हजार 6 सौ 58 किसानों ने पंजीकरण कराया है।
इस बार 2.66 लाख एमटी का लक्ष्य
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए दोनों जिलों में गेहंू खरीदी के लिए 2.66 लाख मीट्रिक टन की उपार्जन का अनुमान लगाया गया है। इसमें सतना जिले में 2 लाख 7 हजार 3 सौ 19 मीट्रिक टन और मैहर जिले में 59 हजार 4 सौ 71 मीट्रिक टन गेहूं का अनुमानित लक्ष्य रखा गया है। हालांकि रबी विपणन वर्ष 2025-26 में सतना जिले में 2 लाख 1 हजार 81 मीट्रिक टन और मैहर जिले में 57 हजार 7 सौ 40 मीट्रिक टन खरीदी की गई थी।
भंडारण की चुनौती बड़ी
गेहूं उपार्जन के बीच यह बात भी सामने आई कि इसका स्टोर कहां करेंगे। ऐसे में धान की मीलिंग और भंडारण पर नजर दौड़ाई गई। आंकड़ों के मुताबिक दोनों जिलों में 6 लाख 48 हजार 96 टन धान भंडारित है। यह मिलिंग के बाद की शेष मात्रा है। सतना में 4 लाख 52 हजार 5 सौ 17 टन और मैहर जिला में 1 लाख 95 हजार 5 सौ 79 टन धान भंडारित है। हालांकि विकल्प के रूप में साइलो बैग तैयार किए जा रहे हैं।


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