सीधी के घोघरा मंदिर में रामनवमी के दौरान छेड़खानी के आरोप में दो युवकों की भीड़ ने पिटाई कर दी, घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस पहचान कर कार्रवाई में जुटी है।
By: Yogesh Patel
Mar 29, 20262:47 PM
हाइलाइट्स:
सीधी, स्टार समाचार वेब
बीते रामनवमी के दिन घोघरा मंदिर में शाम करीब 5 बजे मंदिर दर्शन करने गई आदिवासी युवतियों के साथ अल्पसंख्यक वर्ग विशेष के युवकों द्वारा छेड़खानी की घटना ने तूल पकड़ लिया। रामनवमी के दिन प्रसिद्ध घोघरा मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे थे। यहां रामनवमी के दिन मेला भी लगता है और हिंदुओं का सबसे बड़ा आस्था का केंद्र और प्रतीक है।
बताया जा रहा है कि घोघरा धाम मंदिर में रामनवमी के मौके पर भारी भीड़ जुटी हुई थी। इसी दौरान कुछ युवकों ने कथित तौर पर आदिवासी समाज की युवतियों के साथ छेड़खानी की। युवतियों की सहेलियों ने तुरंत इस घटना की जानकारी परिजनों को दी, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क गया।
परिजनों ने देखा छेड़खानी करने के बाद आरोपी भगाने का प्रयास कर रहे है। देखते ही देखते भीड़ ने युवकों को पकड़ लिया और लड़िकयों के परिजन और महिलाओं के द्वारा घेरकर युवकों की चप्पलों, लाठी-डंडों, लात-घूसों से मारपीट भी की गई। अपुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आदिवासी लडकी पटिया टोला खोरवा की निवासी बताई जा रही है जबकि मुस्लिम लडके हटवा के बताए जा रहे हैं।
वीडियो वायरल
घटना का वीडियो वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया जो शनिवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कई महिलाएं और युवक मिलकर दो युवकों के साथ बेरहमी से मारपीट कर रहे हैं। इस दौरान लात-घूंसे के साथ-साथ लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल किया गया।
स्थानीय निवासी अमर सिंह ने बताया कि शुरूआत में किसी को समझ नहीं आया कि विवाद किस बात को लेकर हुआ, लेकिन अचानक स्थिति बिगड़ती चली गई और मारपीट भयंकर रूप ले लिया। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश भी की, लेकिन कोई भी पक्ष मानने को तैयार नहीं था।
इनका कहना है
जहां इस मामले में थाना प्रभारी राकेश बैस ने बताया कि मारपीट के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस वायरल वीडियो और फोटो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक दोनों पक्ष वहां से जा चुके थे।