सतना जिला अस्पताल में सड़क हादसे के घायल की मौत के बाद परिजनों ने ऑक्सीजन और स्ट्रेचर नहीं मिलने का आरोप लगाया। हंगामे, मारपीट और पुलिस हस्तक्षेप के बीच अस्पताल की बदहाल व्यवस्था फिर सवालों में घिर गई।
सतना जिला अस्पताल की जर्जर इमारत में रैंप की छत का प्लास्टर गिरने से सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे। रोजाना 1500 मरीजों की आवाजाही के बावजूद मरम्मत और पुनर्निर्माण को लेकर प्रशासनिक उदासीनता बनी हुई है।
सतना जिला अस्पताल में निजी एम्बुलेंस दलालों को मरीज ले जाने से रोकने पर सुपरवाइजर और गार्डों से विवाद हुआ। प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर सुरक्षा की मांग की।
सतना में लगातार अग्नि हादसों के बावजूद होटल, अस्पताल और व्यावसायिक संस्थान फायर एनओसी व सुरक्षा मानकों को गंभीरता से नहीं ले रहे। प्रशासन के संसाधन मौजूद हैं, लेकिन लापरवाही बड़े हादसे की आशंका बढ़ा रही।
सतना जिला अस्पताल की नई ओपीडी में दो छात्राएं ताला लगने से अंदर फंस गईं। शोर मचाने पर कर्मचारियों ने उन्हें बाहर निकाला। घटना ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए।
सतना जिला अस्पताल के प्रसूती वार्ड से नवजात बच्ची के अपहरण प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया। महिला की सतर्कता से बच्ची सुरक्षित बच गई। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज और संजय गांधी अस्पताल में सैकड़ों अग्निशामक यंत्रों की मियाद खत्म होने के बावजूद नए स्टीकर लगाए जाने के आरोप लगे हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
सतना जिला अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। फायर एनओसी के बिना अस्पताल संचालित हो रहा है। एक्सपायरी रहित सिलेंडर, अधूरा फायर सेफ्टी कार्य और ठेकेदार की लापरवाही मरीजों की जान पर खतरा बन रही है।
जिला अस्पताल परिसर में दो आवारा सांडों की घंटों चली लड़ाई ने मरीजों, परिजनों और स्टाफ में अफरा-तफरी मचा दी। नवजात को गोद में लिए महिलाएं मुश्किल से बचीं, कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि सुरक्षा गार्ड नदारद रहे। पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था की खामियों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में डिप्टी सीएम के लोकार्पण कार्यक्रम से पहले बड़ा हादसा टल गया। एसी डक्ट सिस्टम के पैनल में अचानक आग भड़क गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट और पुराने तारों के कारण यह घटना हुई।






















